सूरजगढ़: उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब स्वामी सेही से सूरजगढ़ को जोड़ने वाली 7 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह टूटकर हादसों का कारण बनने लगी। PWD विभाग की लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने चार मरुवा कुएं पर जमकर नारेबाजी की जिसके बाद सूरजगढ़ SDM दीपक चंदन को ज्ञापन सौंपकर सड़क के तत्काल नवीनीकरण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2010 में बनी थी, लेकिन अब इसकी हालत बेहद जर्जर हो चुकी है।
ग्राम पंचायत स्वामी सेही के ग्रामीणों ने बताया कि 7 किलोमीटर लंबी डामर सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, जिससे आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क दलदल का रूप ले लेती है। ग्रामीणों ने कहा कि इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है और यह मार्ग सूरजगढ़ से सिंघाना के बीच दर्जनों गांवों को जोड़ता है।
ज्ञापन में बताया गया कि स्वामी सेही से रोजाना लगभग 500 विद्यार्थी सूरजगढ़ और चिड़ावा के निजी स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। अधिकांश स्कूल बसें इसी मार्ग से होकर गुजरती हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण इन छात्रों और वाहन चालकों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क मरम्मत में देरी अब जानलेवा साबित हो सकती है।
शुक्रवार को ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने सूरजगढ़ SDM दीपक चंदन को उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा और सड़क के नवीनीकरण की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।

ज्ञापन देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता और सरपंच प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण जिलोवा ( सेवानिवृत अधिकारी बैंक मैनेजर ) , पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुरताराम मेघवाल, सेवानिवृत थानाधिकारी महेन्द्र सिंह साईपवार, रिशाल सिंह नेहरा, जयवीर साईपवार, जयवीर जांगिड़, राकेश बरवड़, मास्टर प्रमोद बरवड़, संजय मेघवाल, लक्की जिलोवा, निहालसिंह बरवड़, सुरेन्द्र बरवड़ और अमरसिंह नरवल शामिल रहे। इन सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
सूरजगढ़ SDM दीपक चंदन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग को भेजकर सड़क का सर्वे करवाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत को लेकर रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही PWD विभाग को भेजी जाएगी ताकि ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जा सके।
🚜 ग्रामीणों की प्रमुख मांगें (मुख्य बिंदु):
स्वामी सेही–सूरजगढ़ सड़क का त्वरित नवीनीकरण
सड़क पर बने गड्ढों की भराई और डामर की नई परत
स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना
सड़क पर जलभराव रोकने के लिए निकासी व्यवस्था बनाना
ग्रामीण बोले – ‘अब सब्र का बांध टूट चुका है’
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की दुर्दशा को लेकर कई बार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय निवासी लक्ष्मी नारायण जिलोवा ने कहा कि “यदि सड़क मरम्मत का काम जल्द शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीणों को धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ेगा।”
(सूरजगढ़ से दिनेश झाझडिया की रिपोर्ट)
