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उत्तर प्रदेश सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी: देशविरोधी पोस्ट पर उम्रकैद, यूट्यूबर्स के लिए विज्ञापन प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश, 28 अगस्त 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी नई सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की है, जिसमें देशविरोधी पोस्ट करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। इस नीति के तहत राष्ट्रविरोधी सामग्री पोस्ट करने पर दोषियों को तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करने वाले यूट्यूबर्स और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के लिए 8 लाख रुपये तक के विज्ञापन का प्रस्ताव रखा गया है।

कैबिनेट बैठक में पॉलिसी को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पॉलिसी को राज्य की कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी है। इस नई पॉलिसी का उद्देश्य राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इसके लिए अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर सामग्री बनाने और उसे शेयर करने वालों को विज्ञापन के जरिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

कंटेंट क्रिएटर्स के लिए चार श्रेणियां

नई पॉलिसी के तहत कंटेंट क्रिएटर्स को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। यह श्रेणियां उनके सब्सक्राइबर्स और फॉलोअर्स की संख्या के आधार पर तय की गई हैं। इस वर्गीकरण के अनुसार, कंटेंट प्रोवाइडर्स को 30,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये प्रति माह तक के विज्ञापन मिलने का प्रावधान है। यूट्यूब वीडियो शॉर्ट्स और पॉडकास्ट बनाने वालों के लिए भी 4 लाख रुपये से लेकर 8 लाख रुपये तक की विज्ञापन राशि निर्धारित की गई है।

राष्ट्रविरोधी कंटेंट पर कठोर दंड

पॉलिसी के अंतर्गत राष्ट्रविरोधी कंटेंट पोस्ट करने पर सख्त सजा का प्रावधान रखा गया है। इस तरह की सामग्री पोस्ट करने वालों पर अब आईटी एक्ट की धारा 66E और 66F के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिससे दोषियों को तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, अभद्र और अश्लील सामग्री पोस्ट करने पर भी आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

सरकार की सख्ती और लाभकारी प्रावधानों का संतुलन

योगी सरकार की इस नई सोशल मीडिया पॉलिसी में एक तरफ जहां कंटेंट क्रिएटर्स को आर्थिक लाभ पहुंचाने के प्रावधान किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रविरोधी और समाज के लिए हानिकारक कंटेंट पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया का उपयोग जनहित के कार्यों में बढ़ावा देना और उसे देशहित में प्रयोग करना है।

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