चूरू: जिले से नए साल से पहले खाद्य सुरक्षा को झकझोर देने वाली बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सालासर क्षेत्र में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने नकली घी बनाने की अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है, जहां करीब 7500 लीटर नकली घी बाजार में खपाने की पूरी तैयारी थी। यह फैक्ट्री होटल की आड़ में संचालित हो रही थी और बिना किसी वैधानिक अनुमति के बड़े पैमाने पर खाद्य मिलावट की जा रही थी।
होटल की आड़ में चल रही थी नकली घी की फैक्ट्री
AGTF को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई सालासर के शोभासर इलाके में की गई। AGTF प्रभारी एवं प्रशिक्षु आईपीएस अभिजीत पाटिल के नेतृत्व में टीम ने नेशनल हाईवे-58 पर फतेहपुर–पालनपुर मार्ग स्थित शोभासर पुलिया के पास एक प्लॉट पर दबिश दी। मौके पर होटलनुमा परिसर में नकली घी निर्माण की पूरी अवैध यूनिट सक्रिय पाई गई, जहां संगठित तरीके से मिलावटी घी तैयार किया जा रहा था।
7500 लीटर नकली घी और भारी मात्रा में केमिकल जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम को घी निर्माण में उपयोग किए जा रहे 200-200 लीटर क्षमता के 18 बड़े ड्रम, केमिकल से भरे 17 से 18 अतिरिक्त ड्रम और घी पैकिंग के लिए रखें 414 टिन बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह नकली घी नए साल के मौके पर बाजार में सप्लाई करने की योजना के तहत तैयार किया जा रहा था, जिससे आम उपभोक्ताओं की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था।
खाद्य सुरक्षा विभाग भी कार्रवाई में शामिल
मौके की गंभीरता को देखते हुए AGTF ने तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिफाइंड पाम ऑयल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और कॉटन सीड ऑयल के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे। साथ ही पाम ऑयल के 336 टिन, सोयाबीन ऑयल के 28 टिन और कॉटन सीड ऑयल के 50 टिन सहित कुल 414 टिन को जब्त कर सील किया गया।
बिना लाइसेंस, बिना मानक – पूरी तरह अवैध संचालन
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री बिना किसी खाद्य लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के संचालित की जा रही थी। नकली घी तैयार करने के लिए रसायनों और सस्ते तेलों का उपयोग किया जा रहा था, जिसे शुद्ध घी के रूप में पैक कर बाजार में उतारने की योजना थी। AGTF ने मौके से कुछ संदिग्ध लोगों को डिटेन किया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
लैब रिपोर्ट के बाद दर्ज होगा गंभीर धाराओं में मामला
AGTF प्रभारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और खाद्य सुरक्षा विभाग संयुक्त रूप से आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ खाद्य मिलावट, धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने से संबंधित सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
नए साल से पहले बड़ी राहत, नकली घी बाजार में आने से रुका
इस कार्रवाई को नए साल से पहले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। यदि यह नकली घी बाजार में पहुंच जाता, तो बड़े पैमाने पर लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था। प्रशासन का कहना है कि खाद्य मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





