चिड़ावा: थाना क्षेत्र के जमीन कब्जा कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 34 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा करने की नियत से रात में जेसीबी और ट्रैक्टर से चार मकानों को तोड़ने की सनसनीखेज घटना के मुख्य साजिशकर्ता और इनामी आरोपी प्यारेलाल अरड़ावता तथा सुरेन्द्र बुगालिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। चिड़ावा पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज है और अवैध भूमि कब्जा प्रकरण में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
34 बीघा जमीन पर कब्जे की साजिश, रात 2 बजे बोला हमला
14 दिसंबर 2025 को दर्ज रिपोर्ट के अनुसार परिवादी मूलचंद माली, जो निजामपुरा तन औजटू के रास्ते पर मदर लैंड स्कूल के सामने स्थित भूमि पर परिवार सहित रह रहे थे, ने बताया कि 13-14 दिसंबर की रात करीब 2 बजे तीन जेसीबी, चार ट्रैक्टर, एक तार-पोल मशीन और 15-20 कैंपर गाड़ियों में सवार सैकड़ों लोग उनके घर पहुंचे।
आरोपियों ने घर खाली करने की धमकी दी और हथियारों के बल पर जेसीबी से चार कमरे तथा शौचालय-बाथरूम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि नकदी 1.50 लाख रुपये, आभूषण और अन्य सामान भी लूट लिया गया।
रिपोर्ट में मोहनलाल स्वामी, सुनील कुमार, राजकुमार महला सहित अन्य लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार, भारी मशीनरी जब्त
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विजय बंजारा, पुनाराम, ओमप्रकाश उर्फ अंगुर, जगमोहन, श्रवण, अजय, श्याम उर्फ सोमी, विनोद कुमार और अंकित भालोठिया सहित नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया।
आरोपियों के कब्जे से ट्रैक्टर-लोडर, जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, 40 पिलर, कंटीले तार के बंडल, सादा तार और एक कार जब्त की गई। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है।
मुख्य साजिशकर्ता पर दर्ज हैं कई मामले
गिरफ्तार आरोपी प्यारेलाल के खिलाफ मारपीट, अवैध शराब, जुआ और शांति भंग जैसे करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण पूर्व में दर्ज हैं। वहीं सुरेन्द्र बुगालिया के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गठित पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में वृताधिकारी विकास धींधवाल के नेतृत्व में थाना प्रभारी आशाराम गुर्जर के साथ उप निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह, कांस्टेबल विजयपाल और कांस्टेबल अंकित कुमार की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।





