Tuesday, February 10, 2026
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हॉस्पिटल में अचानक अलार्म बजा और दौड़ पड़े कर्मचारी, जज ने खुद परखीं आपातकालीन व्यवस्थाएं

झुंझुनूं: जिला मुख्यालय स्थित बीडीके अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब न्यायिक अधिकारी अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए जज ने मौके पर ही मॉक ड्रिल करवाई। अलार्म बजते ही अस्पताल स्टाफ को दौड़ लगानी पड़ी। इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह जांचना था कि आग लगने या किसी बड़ी दुर्घटना के समय अस्पताल प्रशासन मरीजों की जान बचाने के लिए कितना तैयार है। इसके साथ ही, नवजातों के लिए बने ‘पालना गृह’ की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया गया।

मॉक ड्रिल में खुली तैयारियों की पोल और मिली शाबाशी

अस्पताल में प्रवेश करते ही सेशन कोर्ट की जज दीपा गुर्जर ने सबसे पहले फायर सेफ्टी सिस्टम और रिस्पांस टाइम चेक करने के निर्देश दिए। जैसे ही मॉक इमरजेंसी का सायरन बजा, डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत एक्शन लेना था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि स्टाफ कितनी जल्दी रिस्पॉन्स देता है। कुछ कर्मचारी तत्परता से मौके पर पहुंचे, वहीं कुछ जगहों पर समन्वय की कमी भी दिखी। जज ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीडीके अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) और अन्य वरिष्ठ डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ऐसी ड्रिल करते रहें ताकि असली मुसीबत के वक्त अफरातफरी न मचे।

पालना गृह: क्या बजती है घंटी?

निरीक्षण का दूसरा अहम हिस्सा ‘पालना गृह’ (Cradle Scheme) था। यह योजना उन लावारिस नवजातों के लिए है जिन्हें उनके परिजन छोड़ जाते हैं। जज ने पालना गृह में जाकर खुद व्यवस्था चेक की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जैसे ही पालने में कोई बच्चा रखा जाए, तो क्या तुरंत अस्पताल स्टाफ के पास घंटी या अलार्म बजता है या नहीं। स्टाफ को निर्देश दिए गए कि पालना गृह में रखे गए बच्चे की सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल तत्काल शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पालना गृह का उद्देश्य बच्चों को जीवनदान देना है, और तकनीकी खामी के कारण किसी मासूम की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए।

साफ-सफाई और रिकॉर्ड संधारण पर जोर

वार्डों के निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। न्यायिक अधिकारी ने जनरल वार्ड और आईसीयू के बाहर गंदगी न रहने की हिदायत दी। साथ ही, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर्स और नर्सिंग कर्मियों के रोस्टर रजिस्टर भी चेक किए गए।

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