पचेरी कलां: थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी का झांसा देकर शादी कराने, दहेज व ठगी के गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सेना में कमांडो होने का झूठा दावा कर विवाह कराने के प्रकरण में बिचोलिया प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला फर्जी नौकरी, दहेज उत्पीड़न, विवाह धोखाधड़ी और ठगी जैसे अपराधों की गंभीर तस्वीर सामने लाता है।
दिनांक 07 सितंबर 2025 को ढाणा निवासी 23 वर्षीय प्रिया ने पचेरी कलां थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायत में बताया गया कि अभियुक्त मनीष सिंह ने स्वयं को सेना का ब्लैक बेरेट्स कमांडो, तीन स्टार कैप्टन और स्पेशल कोर्स प्रशिक्षित अधिकारी बताते हुए ₹2.5 लाख प्रतिमाह वेतन का दावा किया।
इन झूठे दावों के आधार पर पीड़िता के पिता कैलाश सिंह ने विवाह के लिए सहमति दी और रिश्ता तय किया गया।
शादी से लगभग 10 दिन पहले अभियुक्त पक्ष ने ₹21 लाख नकद, एक SUV कार, एयर कंडीशनर, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, फर्नीचर व अन्य सामान की मांग रखी। उस समय शादी के निमंत्रण पत्र वितरित हो चुके थे और आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।
सामाजिक प्रतिष्ठा और बेटी के सम्मान को बचाने के लिए पीड़िता के पिता को अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा और 06 मई 2025 को 11 लाख नकद सहित दहेज सामग्री दी गई।
शादी के बाद पीड़िता को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। बाद में यह खुलासा हुआ कि उसका पति सेना में कमांडो नहीं था और नौकरी को लेकर झूठ बोलकर विवाह किया गया था। आरोप है कि पीड़िता के साथ मानसिक व भावनात्मक रूप से क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पचेरी कलां पुलिस ने गहन जांच शुरू की। इस दौरान मनीष सिंह और उसके मामा अशोक कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
जांच के अगले चरण में मुख्य आरोपी का रिश्तेदार और विवाह का बिचोलिया प्रमोद कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी प्रमोद कुमार, बालकिशन सिंह का पुत्र, 41 वर्ष, निवासी बास रतनथल, थाना कोसली, जिला रेवाड़ी (हरियाणा) है। पुलिस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।
पूरे प्रकरण की जांच पचेरी कलां थाना पुलिस की टीम द्वारा की गई, जिसमें बनवारीलाल, लीलाधर और रोहिताश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई, जबकि वृत्ताधिकारी नोपा राम भाकर के सुपरविजन में जांच आगे बढ़ाई गई।





