नई दिल्ली: संसद का Budget Session 2026-27 आज 28 जनवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी, जिसके बाद संसद में बजट, Economic Survey 2026, Union Budget 2026-27, बेरोजगारी, MSP, कानून-व्यवस्था और अहम विधेयकों पर व्यापक चर्चा शुरू होगी। इस सत्र से देश की अर्थव्यवस्था, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को बड़ी उम्मीदें हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संयुक्त संसद को संबोधन
Budget Session 2026-27 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी प्राथमिकताएं रखेंगे। इसके साथ ही सरकार अपने विधायी एजेंडे और बजट से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाएगी।
कब आएगा Economic Survey 2026 और Union Budget 2026-27
सरकार 29 जनवरी को देश का Economic Survey 2026 संसद में पेश करेगी, जिसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग ने मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार किया है। इसमें अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अर्थव्यवस्था की स्थिति, GDP ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, राजकोषीय घाटा और आने वाले वित्तीय वर्ष का अनुमान शामिल होगा।
इसके दो दिन बाद यानी 1 फरवरी को Union Budget 2026-27 संसद में पेश किया जाएगा, जिस पर उद्योग, किसान, स्टार्टअप, युवा और मध्यम वर्ग की खास नजर रहेगी।
65 दिनों तक चलेगा बजट सत्र, 30 बैठकें होंगी
Budget Session 2026-27 कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें संसद की लगभग 30 बैठकें आयोजित होंगी।
सत्र का समापन 2 अप्रैल को होगा। 13 फरवरी को कार्यवाही स्थगित की जाएगी और 9 मार्च से सत्र का दूसरा चरण शुरू होगा। इस दौरान संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अनुदान प्रस्तावों की समीक्षा करेंगी।
पहले और दूसरे चरण में क्या रहेगा मुख्य एजेंडा
बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव, Economic Survey 2026 और Union Budget 2026-27 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
दूसरे चरण में सरकार जरूरी विधेयकों, नीतिगत सुधारों, आर्थिक सुधारों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और लंबित कानूनों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
सर्वदलीय बैठक में उठे अहम मुद्दे
बजट सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की, जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर अपनी राय रखी और संसद के सुचारू संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि उनकी पार्टी वोट चोरी, SIR, धान की खरीद, MSP और मनरेगा को मजबूत करने जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाएगी।
ओडिशा, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था पर विपक्ष का फोकस
बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि राज्य में किसानों की हालत खराब है, धान की खरीद प्रभावित हो रही है, मंडियां बंद हैं और 3000 रुपये MSP का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगड़ने, महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराध, कोयला रॉयल्टी में संशोधन न होने, कनेक्टिविटी की कमी और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया।
शिवसेना, केरल और आम आदमी पार्टी की प्राथमिकताएं
शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने प्रदूषण, SIR और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की बात कही।
केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने केंद्रीय बजट 2026 में राज्य को उसका वित्तीय हक देने और वित्त आयोग की कटौती को ठीक करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने विदेश नीति, SIR, शंकराचार्य से जुड़े मामलों और मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों को संसद में उठाने की बात कही।
दिल्ली पहुंचे कई बड़े नेता
Budget Session 2026-27 से पहले कई प्रमुख नेता और मंत्री दिल्ली पहुंचे, जिनमें जॉर्ज कुरियन, रामदास आठवले, सुप्रिया सुले और असदुद्दीन ओवैसी शामिल रहे। इन नेताओं की मौजूदगी से यह साफ है कि इस सत्र में राजनीतिक बहस और नीतिगत टकराव तेज रह सकता है।
सरकार की अपील: बजट पर केंद्रित रहे चर्चा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत चर्चा का मुख्य केंद्र बजट रहेगा और राष्ट्रपति के भाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर सभी दल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने और जरूरी राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।




