नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी को नया नेतृत्व मिल गया है। नितिन नवीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह और नितिन गडकरी जैसे शीर्ष नेताओं के समर्थन से यह चुनाव पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक ताकत का बड़ा संकेत माना जा रहा है। 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल होने के साथ नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया था, जिसे अब औपचारिक मुहर मिल चुकी है।
नितिन नवीन बने बीजेपी के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन को निर्विरोध चुना गया। रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने घोषणा की कि उनके पक्ष में कुल 37 सेट नॉमिनेशन पेपर फाइल किए गए और सभी नामांकन वैध पाए गए। इस तरह किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में न उतरने से नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना तय हो गया।
नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व का मिला समर्थन
नितिन नवीन के नाम का प्रस्ताव करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल रहे। उनके साथ जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू की मौजूदगी में रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण को नामांकन पत्रों का पहला सेट सौंपा। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और कई राज्यों के नेताओं ने अतिरिक्त नामांकन दाखिल किए, जिससे नितिन नवीन के लिए समर्थन की व्यापकता साफ दिखी।
पार्टी की एकजुटता का संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संकेत दिया कि बीजेपी नेतृत्व में किसी तरह का मतभेद नहीं है। अलग-अलग राज्यों से आए नामांकन पत्रों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने नितिन नवीन को सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनाए जाने की तस्वीर पेश की।
कैसे होता है बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिवेदक करते हैं। नियमों के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य संयुक्त रूप से किसी ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता को 15 साल पूरे हो चुके हों। यह संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना जरूरी होता है, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव हो चुके हों।
37 सेट नामांकन से पहले ही तय हो गया था परिणाम
नितिन नवीन के पक्ष में 37 सेट नामांकन दाखिल होने के बाद यह साफ हो गया था कि मुकाबले में कोई और उम्मीदवार नहीं है। सभी नामांकन पत्रों के वैध पाए जाने के साथ ही उनके निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।





