सूरजगढ़: क्षेत्र में दो दिन से चीते जैसा जंगली जानवर देखे जाने कि अफवाहों पर आखिरकार विराम लग गया है।
गुरुवार को सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों के साथ श्यालु गांव में चीता दिखाई देने की चर्चा ने जोर पकड़ा। खबर आग की तरह फ़ैल गई कि श्यालु गांव के कुछ बच्चों को गांव के एक खेत में चीते जैसा जानवर दिखाई दिया है।
इस खबर से गांव में दहशत का माहौल बन गया व ग्रामीणों ने गांव के मंदिर से घोषणा करवा दी कि सभी लोग अपने अपने घरों में रहें व मवेशियों को भी बंद स्थान पर रखें।
शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि पड़ोस के गांव जाखोद में रात्रि में एक जंगली जानवर देखा गया है। गांव की एक महिला के अनुसार देर रात बारिश आने पर वह अपने कमरे से बाहर निकली तो उसे घर के आंगन में एक जंगली जानवर दिखाई दिया जो कुत्ते से कुछ बड़ा था और जिसकी पूंछ भी कुत्ते से अलग थी।
देखते ही देखते यह खबर भी गांव में तेजी से फैलती गई। गांव में सरपंच सहित काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इसकी सूचना चिड़ावा वन विभाग के अधिकारियों को दी गई।
चिड़ावा वन विभाग की टीम से रेंजर सुमन चौधरी, मुकेश कुमार वनपाल, सुधीर भड़िया वनपाल, सुशीला रणवा सहायक वनपाल व वाहन चालक अमरचंद मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम ने शिकायतकर्ता की सूचना पर लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सर्च किया। रेंजर सुमन ने बताया कि जब बताए गए पगमार्क का पीछा किया गया तो वें पगमार्क पड़ोसी के घर पर जाकर खत्म हुए।
पगमार्क के निसान पड़ोसी के कुत्ते के पगमार्क से मिल रहे थे, जिसपर निष्कर्ष निकाला गया कि यह किसी जंगली जानवर के ना होकर कुत्ते के पग मार्क हैं।
लगभग एक घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम खाली हाथ वापस लौट गई।
घटना के बाद रेंजर सुमन चौधरी ने क्षेत्र वासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का अफवाहों पर ध्यान ना दें व सतर्क रहें। अगर किसी को जंगली जानवर दिखाई दे तो वन विभाग को सूचना दी जाए।





