सूरजगढ़: जिला परिषद वार्ड गठन को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक विसंगति का मुद्दा चर्चा में है। जिला परिषद वार्ड संख्या 35 में शामिल ग्राम पंचायतों की विधानसभा संरचना को लेकर असंतुलन सामने आने के बाद ग्राम पंचायत स्वामी सेही को वार्ड 38 में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। इस मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन के समक्ष ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित सुधार की अपील की है।
जिला परिषद वार्ड संख्या 35 में कुल दस ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जिनमें से नौ ग्राम पंचायतें विधानसभा क्षेत्र सूरजगढ़ के अंतर्गत आती हैं, जबकि ग्राम पंचायत स्वामी सेही विधानसभा क्षेत्र पिलानी से जुड़ी हुई है। इसी कारण वार्ड स्तर पर विकास कार्यों, प्रशासनिक समन्वय और जनप्रतिनिधित्व में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार आपत्ति जताई जा रही है।
इस विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर एडवोकेट निहाल सिंह के नेतृत्व में वार्ड सदस्य ढाणी चौहान, जो ग्राम पंचायत डालमिया की ढाणी से जुड़े हैं, तथा पंचायत समिति सूरजगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी सूरजगढ़ के माध्यम से जिला कलेक्टर झुंझुनू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से ग्राम पंचायत स्वामी सेही को जिला परिषद वार्ड संख्या 35 से हटाकर वार्ड संख्या 38 में शामिल करने की मांग रखी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड संख्या 38 पूरी तरह से विधानसभा क्षेत्र पिलानी से संबद्ध है, ऐसे में स्वामी सेही को उसी वार्ड में शामिल करना प्रशासनिक दृष्टि से अधिक व्यावहारिक होगा। इससे न केवल विकास कार्यों के बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद भी सुदृढ़ होगा। क्षेत्रवासियों का तर्क है कि वर्तमान व्यवस्था जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
इस अवसर पर एडवोकेट सुनील सोमरा, जो स्वामी सेही से जुड़े हैं, मुकेश डांडिया तोला सेही से, तेज सिंह चौहान, देवेंद्र चौधरी, बलबीर जाखड़ और रामसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जिला प्रशासन से वार्ड परिसीमन में शीघ्र सुधारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि जिला परिषद वार्ड गठन में सामने आई इस स्पष्ट विसंगति को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक संशोधन किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय विकास और जनप्रतिनिधित्व की प्रक्रिया को संतुलित किया जा सके।





