झुंझुनूं: जिले में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दो साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश, जेबीआर गैंग के मुख्य सरगना और पुलिस थाना गोठड़ा के हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह उर्फ जितु चिराना को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर लूट, डकैती, अपहरण, आगजनी और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार जितेंद्र सिंह उर्फ जितु चिराना घटना के बाद लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था। तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना तंत्र के जरिए आखिरकार उसे 28 दिसंबर 2025 को जयपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी कुल पांच प्रकरणों में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
जांच में सामने आया है कि जितेंद्र सिंह उर्फ जितु चिराना जेबीआर गैंग का प्रमुख सरगना है, जो अपने साथियों को संगठित कर लूट, डकैती, चोरी, अपहरण, आगजनी और आर्म्स एक्ट से जुड़ी वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
मामला 21 दिसंबर 2023 का है, जब चिराना निवासी सुरेश कंवर ने पुलिस थाना गोठड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उनके पुत्र मोहित और उसके मित्र सुनील सैनी के साथ जितेंद्र सिंह उर्फ जितु चिराना और उसके साथियों ने स्कॉर्पियो से कार को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद ज्वलनशील पदार्थ डालकर कार में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी फरार चल रहा था।
गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ जितु चिराना के खिलाफ उदयपुरवाटी, नवलगढ़ और गोठड़ा थानों में मारपीट, डकैती, अपहरण, आर्म्स एक्ट, आईटी एक्ट, आगजनी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 15 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व गोठड़ा थानाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मीणा और डीएसटी प्रभारी सरदारमल ने किया। टीम में उदयपुरवाटी थाना, गोठड़ा थाना और जयपुर रेंज कार्यालय से जुड़े पुलिसकर्मियों ने विशेष भूमिका निभाई। पुलिस की संयुक्त रणनीति और सतत निगरानी के चलते यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पुलिस ने आरोपी को पीसी रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों, हथियारों की सप्लाई, फरारी में मदद करने वालों और पुराने मामलों की कड़ियों को जोड़ने पर फोकस किया जा रहा है।





