झुंझुनूं: जिले के लिए गर्व का क्षण है। श्रीगंगानगर में आयोजित 15वीं पैरा ओलम्पिक चैम्पियनशिप 2025-26 के दूसरे दिन भी परमहंस दिव्यांग सेवा समिति चिड़ावा से जुड़े खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर न केवल संस्थान बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले का नाम रोशन किया। दिव्यांग खिलाड़ियों की यह ऐतिहासिक सफलता खेल जगत में जिले की मजबूत पहचान बना रही है।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन झुंझुनूं के खिलाड़ियों ने विभिन्न कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। केटेगरी 42 में जिवनी देवी ने शॉटपुट में गोल्ड मेडल हासिल कर शानदार उपलब्धि दर्ज की, जबकि इसी वर्ग में सुमन ने सिल्वर मेडल जीतकर टीम की सफलता को और मजबूती दी।
वहीं केटेगरी 35 में राहुल भार्गव ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर झुंझुनूं का परचम लहराया। केटेगरी 20 में शॉटपुट प्रतियोगिता में उदीत सैनी ने सिल्वर मेडल जीतकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।

पदक तालिका में झुंझुनूं की स्थिति और मजबूत तब हुई जब केटेगरी 54 में देवेंद्र सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं केटेगरी 42 में राजेश ने भी कांस्य पदक जीतकर टीम की उपलब्धियों में इजाफा किया। इसके साथ ही केटेगरी 56 की तस्तरी स्पर्धा में कोशेंदर ने सिल्वर मेडल जीतकर जिले को गौरवान्वित किया।
परमहंस दिव्यांग सेवा समिति चिड़ावा द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों को लगातार बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसका परिणाम इन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार सामने आ रहा है। खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
लगातार पदकों की झड़ी ने यह साबित कर दिया है कि झुंझुनूं अब पैरा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। खिलाड़ियों की मेहनत, कोचिंग और संस्थागत सहयोग ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।





