चिड़ावा: शहर की राजनीति में बड़ा उलटफेर होता नजर आ रहा है। लंबे समय से चल रही कानूनी और राजनीतिक खींचतान के बीच आखिरकार रोहिताश धांगड़ ने फिर से चिड़ावा पंचायत समिति के प्रधान पद की कमान संभाल ली। इस निर्णय ने भाजपा खेमे में नई ऊर्जा भर दी है, जबकि विरोधी दलों में बेचैनी देखने को मिल रही है।
चिड़ावा पंचायत समिति में प्रधान पद को लेकर महीनों से विवाद और रस्साकशी का दौर जारी थी। बार-बार अदालत के आदेशों, विभागीय प्रक्रियाओं और राजनीतिक दबावों की वजह से स्थिति लगातार बदलती रही। पहले भी कार्यवाहक प्रधान रह चुके रोहिताश धांगड़ को बीडिओ अनीषा बिजारणियां की मौजूदगी में दोबारा चार्ज सौंपा गया। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला चिड़ावा में नए राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में चिड़ावा पंचायत समिति अविश्वास प्रस्ताव, निलंबन, बहाली, भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों और राजनीतिक ध्रुवीकरण के कारण चर्चा का केंद्र रही है। जानकार मानते हैं कि यह बदलाव आने वाले समय में पंचायत क्षेत्र की योजनाओं और विकास में बड़ा असर डाल सकता है।
धांगड़ के चार्ज संभालने के दौरान भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष जयसिंह मांठ, भाजपा जिला महामंत्री राजेश दहिया, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, युवा नेता सुरेश भूकर, पार्षद अंकित भगेरिया, श्रवण भालोठिया, रमेश एमआर ग्रुप, युवा प्रवक्ता विकास पायल, ताराचंद गोरा, सुनील भड़िया, चिड़ावा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास स्वामी, विनोद निर्वाण, सुनील भूकर, अमित गोयल, आकाश भारद्वाज, सरपंच प्रतिनिधि हीरेंद्र धनखड़, सरपंच प्रतिनिधि आशीष झाझडिया, पार्षद मदन डारा, दिनेश दाधीच और श्री श्याम गौ उपचार शाला की पूरी टीम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। समर्थकों ने इसे राजनीतिक मजबूती और भविष्य की बड़ी तैयारी के रूप में देखा।




