Monday, September 1, 2025
Homeझुन्झुनूइंडाली में राम कथा का तृतीय दिवस राम-जानकी विवाह प्रसंग के साथ...

इंडाली में राम कथा का तृतीय दिवस राम-जानकी विवाह प्रसंग के साथ सम्पन्न, प्रभुशरण तिवाड़ी ने बताया मनुष्य का परम उद्देश्यबूड़ला बालाजी मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और कथा के संगम से भक्तिमय हुआ वातावरण

झुंझुनूं: इंडाली गांव के बूड़ला बालाजी मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिवस राम-जानकी विवाह प्रसंग की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए वाणी भूषण प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहा कि मनुष्य का परम उद्देश्य भगवान की प्राप्ति है। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु का एक नाम विवाह भी है, और जब कोई भक्त सम्पूर्ण समर्पण के साथ उनके चरणों में अर्पित हो जाता है, तो भगवान उसे अपना बना लेते हैं।

तिवाड़ी ने भक्ति को ‘स्व का भंजन’ बताते हुए कहा कि जब तक व्यक्ति अपने ‘स्व’ के बोध से बाहर नहीं निकलता, तब तक वह सच्चे अर्थों में भगवान को नहीं प्राप्त कर सकता। उन्होंने बताया कि जिस क्षण व्यक्ति स्वयं को भूलकर सम्पूर्ण भाव से ईश्वर में लीन होता है, वही भक्ति का वास्तविक क्षण होता है। इस दौरान उन्होंने ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और जनकपुर में धनुष यज्ञ की गाथाओं का विस्तार से वर्णन किया।

राम-जानकी विवाह प्रसंग के मंचन के साथ प्रस्तुत सजीव झांकी और भक्तिमय संगीत ने समूचे परिसर को श्रद्धा और आस्था के रंगों से सराबोर कर दिया। कथा की शुरुआत में आचार्य सियाराम शास्त्री के सान्निध्य में यजमान जयराम शर्मा ने अपनी पत्नी के साथ वैदिक विधि से पूजन किया।

कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से मौजूद लोगों में गोकुल प्रसाद, महावीर प्रसाद, गणेश शर्मा, रमेश शर्मा, महिपाल लाम्बा, नोरंग राम मीणा, रामनाथ लाम्बा, रामकुमार मीणा, ताराचंद स्वामी, मूंगाराम, राजेश देग, गुलझारी लाल, बजरंग सिंह शेखावत, मोहनलाल शर्मा, कम्पाउडर ओमप्रकाश शर्मा, पंडित रामरतन शर्मा और पुजारी सुनील शर्मा सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

राम कथा के दौरान श्रद्धालुओं की उपस्थिति और आयोजन की गरिमा ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों को लेकर गहरी आस्था और उत्साह बना हुआ है। आयोजकों ने बताया कि कथा के अगले दिवस में भी भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग व भक्त शबरी की कथा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।

इस आध्यात्मिक आयोजन से न केवल धार्मिक भावना प्रबल हुई, बल्कि यह संदेश भी प्रसारित हुआ कि सच्चा जीवन वही है, जो भक्ति और आत्मसमर्पण के मार्ग पर चले।

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!