अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया ‘गोल्डन डोम डिफेंस शील्ड’ प्रोजेक्ट का ऐलान, अंतरिक्ष आधारित मिसाइल रक्षा प्रणाली होगी गेमचेंजर

वॉशिंगटन, अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘गोल्डन डोम डिफेंस शील्ड’ नामक एक अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली की घोषणा की। यह अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष आधारित रक्षा परियोजना मानी जा रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “यह परियोजना वह है जिसकी हमने अमेरिकी नागरिकों से चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था। आज मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने इस ऐतिहासिक मिसाइल रक्षा प्रणाली की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। गोल्डन डोम अमेरिका की सुरक्षा को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।”

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क्या है ‘गोल्डन डोम डिफेंस शील्ड’?

‘गोल्डन डोम’ एक भूमि और अंतरिक्ष आधारित मिसाइल डिफेंस शील्ड सिस्टम है जो मिसाइलों के उड़ान भरने के प्रारंभिक चरण से लेकर अंतिम चरण तक उन्हें ट्रैक करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें नष्ट कर देगा।

इस प्रणाली में ऐसे स्पेस-आधारित इंटरसेप्टर और सेंसर नेटवर्क शामिल होंगे, जो बैलिस्टिक, क्रूज़, हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से मातृभूमि की रक्षा करेंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, “यह प्रणाली इतनी सक्षम होगी कि चाहे कोई मिसाइल पृथ्वी के किसी भी कोने से लॉन्च की जाए या सीधे अंतरिक्ष से छोड़ी जाए, ‘गोल्डन डोम’ उसे हवा में ही नष्ट कर देगा।”

लागत और तकनीकी संरचना

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘गोल्डन डोम’ की कुल लागत 175 बिलियन डॉलर बताई है।
  • अमेरिकी कांग्रेस के बजट कार्यालय (CBO) के अनुसार, इस परियोजना की लागत आगामी 20 वर्षों में 161 बिलियन डॉलर से लेकर 542 बिलियन डॉलर तक जा सकती है, विशेष रूप से अगर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों की नष्ट करने की क्षमता विकसित की जाती है।

अंतरिक्ष में तैनात होगा पहला अमेरिकी हथियार

‘गोल्डन डोम’ अमेरिकी रक्षा इतिहास में पहली बार अंतरिक्ष में तैनात होने वाला हथियार प्रणाली होगा। यह प्रणाली दुश्मनों के लॉन्च पैड पर ही हमले करने में सक्षम होगी या फिर उन्हें उड़ान के दौरान भी निष्क्रिय कर देगी।

पेंटागन के प्रमुख पीट हेगसेथ ने कहा, “यह प्रणाली वर्तमान अमेरिकी रक्षा तकनीक के साथ पूरी तरह एकीकृत होगी और इसकी मदद से परमाणु और पारंपरिक हमलों से अमेरिकी धरती की रक्षा की जाएगी।”

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इजरायली ‘आयरन डोम’ से प्रेरित

गौरतलब है कि अमेरिका की यह नई प्रणाली काफी हद तक इजरायल की विश्वप्रसिद्ध ‘आयरन डोम’ से प्रेरित मानी जा रही है। अंतर यह है कि ‘गोल्डन डोम’ की पहुंच ज़मीन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह समुद्र और अंतरिक्ष तक फैली होगी।

वर्षों लगेगा पूर्ण निर्माण में

मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ‘गोल्डन डोम’ को पूरी तरह तैयार होने में लगभग तीन से पांच वर्ष लग सकते हैं। फिलहाल इसकी वास्तुकला का चयन कर लिया गया है और परियोजना अपने आरंभिक चरण में है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “यह केवल एक तकनीकी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि अमेरिका के अस्तित्व की गारंटी है। यह हमारी अगली पीढ़ी की सुरक्षा की नींव रखेगा।”

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