झुंझुनूं: शहर से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां सूदखोरों से परेशान होकर महिला अधिकारिता विभाग के एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चूरू रोड स्थित बीरबल मार्केट के मालिक सुरेश सैन के रूप में हुई है। उनका शव रविवार सुबह मार्केट के बेसमेंट में फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक चार पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें 7 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में 7 सूदखोरों पर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में सुरेश सैन ने अपनी मौत के लिए सात सूदखोरों को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों की रिपोर्ट के अनुसार, सुसाइड नोट में सुधीर, सुरेंद्र कुमार, यूनुस, ताराचंद, विजय कुमार और दो अन्य लोगों के नाम लिखे हैं। सुरेश ने नोट में लिखा कि वह एक करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुका चुका था, लेकिन इसके बावजूद सूदखोर उस पर ब्याज पर ब्याज लगाकर और ज्यादा पैसों की मांग कर रहे थे। उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उसकी संपत्ति की रजिस्ट्री को भी रोक रखा था, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित था।
शुक्रवार से थे लापता, जीजा ने बेसमेंट में देखा शव
परिजनों ने बताया कि सुरेश सैन शुक्रवार शाम से लापता थे। परिवार उनकी लगातार तलाश कर रहा था। रविवार सुबह उनके जीजा महेंद्र सैन ने जब बीरबल मार्केट के बेसमेंट में जाकर देखा तो उनका शव फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना परिवार और कोतवाली पुलिस को दी।
परिजनों ने 7 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया मामला, जांच शुरू
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली थाने के एएसआई रतनलाल ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर बीडीके अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। सुसाइड नोट को जब्त कर फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जाएगा। मृतक के परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर सुसाइड नोट में नामित सभी सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पहले भी कई जानें ले चुका है सूदखोरी का यह जाल
यह कोई पहला मामला नहीं है जब झुंझुनूं में सूदखोरों के आतंक के चलते किसी ने अपनी जान दी हो। शहर में पूर्व में भी कई लोग सूदखोरी के इस जानलेवा चक्र में फंसकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा चुके हैं।





