सूरजगढ़: कस्बे में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग जोर पकड़ रही है। कस्बे के सामाजिक संगठन जीवन ज्योति रक्षा समिति और बार एसोसिएशन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सूरजगढ़ को 30 से बढ़ाकर 100 बेड अस्पताल घोषित करने, विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त करने और जांच सुविधाएं बढ़ाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी दीपक चंदन को सौंपा।
बढ़ती जनसंख्या के लिहाज से घटती सुविधाएं
ज्ञापन में बताया गया कि सीएचसी सूरजगढ़ की स्थापना के बाद क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ी है, लेकिन चिकित्सा संसाधनों और बेड क्षमता का विस्तार नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि गंभीर मरीजों को रात-दिन निजी अस्पतालों और बड़े शहरों की ओर भेजना पड़ रहा है, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ रहा है।
स्टाफ, डॉक्टर और जांच सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
मांग पत्र में कहा गया कि वर्तमान 30 बेड क्षमता क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे 100 बेड का अस्पताल घोषित कर आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं विकसित की जाएं। मांगों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, जांच उपकरणों की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ की भरती, और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना भी शामिल है, ताकि सूरजगढ़ और आसपास के गांवों को समय पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कस्बे की एक बड़ी आबादी की आवाज बनकर सामने आया मुद्दा
ज्ञापन सौंपने के दौरान जीवन ज्योति रक्षा समिति के संरक्षक सज्जन अग्रवाल और अध्यक्ष रवि शर्मा ने कहा कि अस्पताल विस्तार अब समय की आवश्यकता है। सचिव बलवान भास्कर और जितेन्द्र ने भी कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के विकास से एक बड़े क्षेत्र को राहत मिलेगी।
उधर बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष संदीप मान, साथ में मदन राठौड़, अभिषेक सेवदा, सोमवीर खिचड़, गजानन्द, अजय जडेजा, हवा सिंह, अनिल शर्मा और संजू ने भी अस्पताल उन्नयन को लेकर आवाज बुलंद की। अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जोर दिया कि इस मांग को तत्काल सरकारी स्वीकृति मिलनी चाहिए, ताकि चिकित्सा संकट का समाधान हो सके।





