नवलगढ़: पुलिस ने एक बड़ी और लंबे समय से लंबित सफलता हासिल करते हुए 15 वर्षों से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के ईनामी उदघोषित अपराधी मौलाना हासिम को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर मामले में वांछित आरोपी लगातार पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा, लेकिन मानवीय आसूचना, तकनीकी सहायता और भेष बदलकर की गई सटीक रेकी ने अंततः उसे कानून के कटघरे में खड़ा कर दिया।
15 साल से फरार था ईनामी पीओ मौलाना हासिम
पुलिस के अनुसार, मौलाना हासिम वर्ष 2010 से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय द्वारा उदघोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था। आरोपी धार्मिक कार्यों की आड़ में गांव-गांव घूमकर चंदा एकत्र करता था और इसी दौरान उसने एक व्यक्ति को गंभीर बीमारी के इलाज के नाम पर झांसे में लेकर लाखों रुपये की ठगी की।
कैंसर इलाज के नाम पर 5 लाख की धोखाधड़ी का मामला
दिनांक 2 जुलाई 2010 को दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना हासिम ने अपने एक कथित रिश्तेदार के कैंसर ऑपरेशन के लिए पैसों की आवश्यकता बताई। उसने मकान के दस्तावेज अमानत रखने का भरोसा दिलाया और फरवरी 2010 में एक व्यक्ति को रिश्तेदार बताकर नवलगढ़ लाया। विश्वास में लेकर परिवादी से 5 लाख रुपये प्राप्त करने के बाद आरोपी ने संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया और फरार हो गया।
न्यायालय से घोषित हुआ था मफरुर अपराधी
पुलिस अनुसंधान के बाद 23 दिसंबर 2010 को न्यायालय में चालान पेश किया गया, लेकिन मौलाना हासिम पेश नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय द्वारा उसे मफरुर (भगोड़ा) घोषित कर दिया गया। वर्षों तक आरोपी की तलाश जारी रही, लेकिन वह लगातार ठिकाने और पहचान बदलता रहा।
भेष बदलकर की गई रेकी, फाइनेंसर बनकर पुलिस ने बिछाया जाल
नवलगढ़ पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति अपनाई। टीम ने भेष बदलकर फाइनेंसर के रूप में आरोपी के संभावित ठिकानों के आसपास रेकी की। मानवीय सूचना तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की पहचान पुख्ता होने पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पहाड़ी बालघाट टोडाभीम से दबोचा गया फरार आरोपी
दिनांक 4 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने पहाड़ी बालघाट क्षेत्र, टोडाभीम जिला करौली से मौलाना हासिम को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मौलाना हासिम पुत्र घसीटा, निवासी सहानका थाना सीकरी जिला भरतपुर के रूप में हुई, जिसकी उम्र लगभग 43 वर्ष है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृताधिकारी महावीर सिंह के मार्गदर्शन में, नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।





