झुन्झुनूं: जिले में सनसनीखेज डेनिश बावरिया हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 5000 रुपये के इनामी आरोपी सुरेन्द्र गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी श्रवण कुमार नील और डीएसटी प्रभारी सरदारमल के नेतृत्व में गठित टीमों ने शहर में लगातार दबिश देकर इस गिरफ्तारी को संभव बनाया।
दिनांक 20 अक्टूबर 2025 को डेनिश उर्फ नरेश कुमार, निवासी जीत की ढाणी, थाना धनूरी, ने इलाज के दौरान पुलिस को बयान दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया कि 19 अक्टूबर 2025 की शाम वह अपने साथियों सचिन, दीपचंद उर्फ कालू और राकेश के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में पटाखों और लगभग तीन लाख रुपये की नकदी लेकर चुडेला गांव स्थित अपनी दुकान की ओर जा रहा था।
चुरू बाईपास स्थित ठेके के पास वाहन रोकने के दौरान एक के बाद एक तीन सफेद कैम्पर गाड़ियों ने उनकी स्कॉर्पियो को चारों ओर से टक्कर मारी। इन गाड़ियों को प्रशांत उर्फ पोखर, दीपक मालसरिया और मंदीप उर्फ मदिया चला रहे थे। इसके बाद डेनिश को बंदूक की नोक पर गाड़ी से उतारकर बेरहमी से पीटा गया और जबरन अपहरण कर रसोडा गांव के जोहड़ में ले जाकर लोहे के सरियों और पाइपों से जानलेवा हमला किया गया।
पीड़ित को मृत समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से डेनिश को पहले खेतान अस्पताल और फिर एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार चला।
इस मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा पहले ही 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि मंदीप उर्फ मदीया और सुरेन्द्र गुर्जर लंबे समय से फरार थे, जिनकी लगातार तलाश की जा रही थी।
दिनांक 5 जनवरी 2026 को डीएसटी को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सुलताना थाना क्षेत्र के गोवला गांव में दबिश दी। मौके से सुरेन्द्र पुत्र भोलाराम गुर्जर को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित था और वह घटना के बाद से फरारी काट रहा था।
इस कार्रवाई में श्रवण कुमार नील, विक्रम सिंह, योगेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, प्रदीप, अंकित, विक्रम और सुरेन्द्र की टीम ने विशेष भूमिका निभाई, जिनकी सतर्कता और रणनीतिक कार्रवाई से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।





