चिड़ावा: हरी लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हरियाणा सीमा पर की गई नाकाबंदी के दौरान वन विभाग की टीम ने 60 क्विंटल हरी लकड़ी से भरे एक पिकअप और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
हरी लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चिड़ावा वन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा सीमा से सटे सरदारपुरा गांव के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। अभियान के दौरान आने-जाने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही थी, ताकि अवैध रूप से ले जाई जा रही वन संपदा को रोका जा सके।
जांच के दौरान एक पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक नाकाबंदी तोड़कर मौके से फरार होने लगा। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया और कुछ दूरी पर पिकअप को रुकवाकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान पिकअप से लगभग 30 क्विंटल हरी लकड़ी बरामद की गई, जिसे अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।
इसी अभियान के दौरान एक अन्य कार्रवाई में 30 क्विंटल हरी लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी वन विभाग ने जब्त किया। दोनों वाहनों को वन विभाग की अभिरक्षा में ले लिया गया है। इस तरह कुल 60 क्विंटल हरी लकड़ी जब्त कर तस्करों की बड़ी खेप को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
वन विभाग ने पिकअप चालक सुखवीर, निवासी सुजड़ोला, और ट्रैक्टर चालक सुरेश लीखवा के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लकड़ी कहां से काटी गई और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व रेंजर सुमन कुमारी ने किया। अभियान के दौरान वनपाल मुकेश कुमार, सुधीर भड़िया और सहायक वनपाल सुशीला रणवां सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वन विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि अवैध लकड़ी कटान और तस्करी के खिलाफ आगे भी इसी तरह सघन अभियान जारी रहेंगे। सीमा क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, जिससे वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





