चिड़ावा: झुंझुनूं जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए खेजड़ी की लकड़ी से भरे दो वाहनों को हरियाणा पहुंचने से पहले ही नाकाबंदी के दौरान पकड़ लिया। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और वन संपदा की सुरक्षा को मजबूती मिली है।
झुंझुनूं डीएफओ काव्या पीबी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पिलानी और चिड़ावा क्षेत्र में हरियाणा सीमा से सटे मार्गों पर विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया। इस दौरान एक टाटा 407 और एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें करीब 100 क्विंटल अवैध खेजड़ी की लकड़ी बरामद की गई।
नाकाबंदी में तस्करों की साजिश नाकाम, दो आरोपी हिरासत में
जांच के दौरान दोनों वाहनों में खेजड़ी की लकड़ी का अवैध परिवहन पाया गया, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल दोनों वाहनों को जब्त कर लिया और दो आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है और तस्करी से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी जांच शुरू कर दी गई है।
डीएफओ काव्या पीबी का बयान: अभियान लगातार जारी रहेगा
डीएफओ काव्या पीबी ने बताया कि जिले में अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के लिए वन विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों की सुरक्षा के लिए आगे भी सघन अभियान चलाया जाएगा।
हरियाणा में लकड़ी की मांग बढ़ने से बढ़ी तस्करी: कमलचंद
एसीएफ कमलचंद ने कहा कि हरियाणा में पेड़ों की कमी के चलते तस्कर झुंझुनूं जिले से विभिन्न मार्गों के जरिए अवैध लकड़ी की तस्करी करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है और आगे भी कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
चिड़ावा रेंजर सुमन कुमारी और टीम की सराहना
डीएफओ काव्या पीबी ने इस सफल कार्रवाई के लिए चिड़ावा रेंजर सुमन कुमारी और उनकी टीम की प्रशंसा की। इस अभियान के दौरान मुकेश कुमार, सुधीर भढ़िया, कल्पना नुनिया, सुलोचना, सुशीला रनवा, प्रकाश आनंद, कविता और लक्ष्मी सहित वन विभाग का स्टाफ सक्रिय रूप से मौजूद रहा।





