सूरजगढ़: क्षेत्र के स्वामी सेही गांव में इस बार अंबेडकर जयंती सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत बनने जा रही है। 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर गांव के युवाओं ने ऐसा फैसला लिया है, जो पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन सकता है।

अम्बेडकर डेवलपमेंट एसोसिएशन के नेतृत्व में इस आयोजन के दौरान सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह शिक्षा के प्रति छात्रों में नई प्रेरणा जगाने का काम करेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और शिक्षा के स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खास बात यह है कि स्वामी सेही गांव में जल्द ही डिजिटल बोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए आगामी बैठक में विस्तृत योजना बनाकर कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

अम्बेडकर डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनिवास बरवड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी दिन सर्व समाज के बच्चों के लिए एक पुस्तकालय की नींव भी रखी जाएगी। यह पुस्तकालय बच्चों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

रामनिवास बरवड़ ने कहा कि शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान अब हर वर्ष किया जाएगा। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।

क्षेत्र के लोगों ने युवाओं के इस निर्णय को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया है। उनका कहना है कि यह पहल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी और गांव को नई पहचान दिलाएगी।




