झुंझुनूं: शहर के प्रतिष्ठित डूंडलोद पब्लिक स्कूल में रविवार को आयोजित वार्षिकोत्सव ‘स्पंदन-2026’ न केवल सांस्कृतिक रंगों से सजा रहा, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सामाजिक चेतना और वैज्ञानिक सोच का जीवंत उदाहरण भी बना। शिक्षा, संस्कार और नवाचार के समन्वय वाले इस कार्यक्रम में प्रशासनिक, शैक्षिक और अभिभावक वर्ग की प्रभावी सहभागिता देखने को मिली, जिसने आयोजन को जिले के प्रमुख शैक्षणिक आयोजनों में शामिल कर दिया।
डूंडलोद पब्लिक स्कूल झुंझुनूं में आयोजित इस भव्य समारोह का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं फूलचंद मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा और अतिरिक्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जांगिड़ द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंच से अतिथियों ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने स्वच्छ भारत अभियान, अनेकता में एकता, एक भारत श्रेष्ठ भारत, देशभक्ति, नारी सशक्तिकरण, माता-पिता एवं दादा-दादी के त्याग, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव, पर्यावरण संरक्षण और परस्पर सहयोग जैसे विषयों पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए सामाजिक संदेश भी दिया।
वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी और कला कृतियों ने विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता को उजागर किया। इसी क्रम में कक्षा 8 की छात्रा अनुषा चौधरी द्वारा विकसित ‘मैजिक बेड’ मॉडल ने विशेष ध्यान आकर्षित किया, जो इंस्पायर अवार्ड 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर तक चयनित रह चुका है। यह उपलब्धि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और मार्गदर्शन का प्रमाण बनी।
शैक्षणिक, सहशैक्षणिक और खेलकूद गतिविधियों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया। बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ परिणाम देने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ मार्गदर्शक शिक्षकों को भी नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया, जिससे विद्यालय में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा का वातावरण बना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था सचिव बी.एल. रणवां ने विद्यार्थियों से पूर्ण लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। वहीं प्राचार्य डॉ. सतबीर सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अभिभावकों से मूल्यपरक शिक्षा में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई। आयोजन के दौरान डूंडलोद शिक्षण संस्थान से जुड़े सुल्तान सिंह, रामकुमार सिंह, राहुल रणवां, प्रबंधन समिति सदस्य मालाराम और सुभाष की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन कक्षा 8 की छात्राएं अनुषा चौधरी और जैसमिन ने किया, जबकि कक्षा 9 के भाविन ने अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।








