सूरजगढ़: ब्लॉक के अगवाना खुर्द में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार का ट्रांसफर शिक्षा व्यवस्था पर भारी पड़ता दिख रहा है। नाराज विद्यार्थी और अभिभावक लगातार नौवें दिन विरोध पर टिके हैं और अब टिसी कटवाने की मांग कर रहे हैं। इससे सरकारी स्कूल बंद जैसा माहौल बन गया है और अध्यापन कार्य पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
व्याख्याता के तबादले के बाद फूटा गुस्सा
भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के स्थानांतरण के बाद अगवाना खुर्द माध्यमिक विद्यालय में विरोध तेज हो गया। नौ दिनों से स्कूल नहीं पहुंचे छात्र और उनके अभिभावक अब टीसी जारी कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रधानाचार्या ने उन्हें समझाने की कोशिश की, परंतु अभिभावक अपने निर्णय पर कायम दिखाई दिए।
टीसी मांग पर प्राचार्या ने दी लिखित प्रक्रिया की जानकारी
प्रधानाचार्या सैनि कौर ने बताया कि छात्रों की टिसी से जुड़ी मांगों को उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश मिलते ही टीसी जारी कर दी जाएगी। प्राचार्या ने कहा कि पिछले दिनों छात्र भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के समझाने के प्रयास के दौरान आवेश में आकर आवेदन सौंप चुके थे। तब से शिक्षा विभाग और स्कूल स्टाफ लगातार अभिभावकों को समझाने का प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों की समझाइश भी बेअसर
अभिभावकों और विद्यार्थियों को एसीबीईओ सज्जन कुल्हार व अनिल शर्मा के साथ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी और सूरजगढ़ एसडीएम दीपक चंदन ने भी समझाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि ट्रांसफर सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका विरोध नहीं होना चाहिए, लेकिन छात्रों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
दूसरी जगह के बच्चों को बैठाने का लगाया आरोप
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ ने सोमवार को दूसरी जगह से विद्यार्थियों को बुलाकर कक्षा में बैठाया और फोटो खिंचवाए। इन आरोपों को प्रधानाचार्या सैनिकोर ने पूरी तरह खारिज किया और कहा कि यह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है।
पढ़ाई ठप, शिक्षा पर संकट
13 जनवरी से स्कूल के बाहर धरने पर बैठे विद्यार्थी सोमवार तक कक्षाओं में नहीं लौटे। पिछले एक सप्ताह से पढ़ाई पूरी तरह ठप है और पूरा शिक्षण सत्र प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने भी आग्रह किया कि जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि बच्चे नियमित अध्ययन कर सकें।
क्या है अगला कदम?
प्रधानाचार्या ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया है। दावा किया है कि जल्द ही छात्र नियमित आएंगे, हालांकि शनिवार को भी इसी तरह का आश्वासन दिया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। अब शिक्षा विभाग इस विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद कर रहा है।





