सूरजगढ़: अतिवृष्टि से फसलों के बर्बाद होने और गिरदावरी रिपोर्ट में लापरवाही को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। किसानों ने उपखंड अधिकारी दीपक चंदन से मुलाकात कर चेतावनी दी कि यदि जल्द सटीक गिरदावरी रिपोर्ट जारी नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
⚡ अतिवृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद
किसानों का कहना है कि लगातार हुई अतिवृष्टि (Heavy Rainfall) से खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कई जगहों पर बाजरा, मूंग, ग्वार और कपास जैसी प्रमुख फसलें पानी में डूबकर खराब हो चुकी हैं। किसानों ने बताया कि नुकसान का सही आंकलन नहीं होने से मुआवजा प्रक्रिया भी अधर में लटक गई है।
📑 गिरदावरी में लापरवाही पर किसानों का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया कि पटवारियों की लापरवाही के कारण अब तक फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। किसानों ने कहा कि 19 सितंबर को उन्होंने उपखंड कार्यालय पर धरना दिया था, जिसके बाद 24 सितंबर को उपखंड अधिकारी दीपक चंदन से मुलाकात कर तीन दिन का आश्वासन मिला था। लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
🗣️ किसानों ने कहा — “अब सब्र नहीं बचा”
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “अब सब्र की सीमा खत्म हो चुकी है। हम खेतों में नुकसान दिखाने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिख रही।”
🧾 प्रशासन बोला — कृषि विभाग के साथ मिलकर हो रहा आंकलन
तहसीलदार जयसिंह ने बताया कि कृषि विभाग के साथ मिलकर एक विशेष कमेटी फसल नुकसान का सही आंकलन कर रही है। रिपोर्ट तैयार होते ही इसे जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “सरकार की प्राथमिकता है कि हर किसान को उचित मुआवजा मिले।”
👥 किसान प्रतिनिधि बोले — जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि रिपोर्ट आने में और देरी हुई, तो किसी भी आंदोलन या स्थिति की जिम्मेदारी उपखंड प्रशासन की होगी। इस मौके पर पप्पू चौधरी सेही वाले, राजेश गोदारा, रमेश ठेकेदार, रतन चौहान, संदीप, रंगलाल, उम्मेद लोहान और राजवीर राव समेत कई किसान मौजूद रहे।





