सूरजगढ़: क्षेत्र के गांव काकोड़ा में अचानक हुई आगजनी की घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। सूरजगढ़ फायर ब्रिगेड की गाड़ी लंबे समय से खराब होने के कारण समय पर राहत नहीं मिल सकी, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। मजबूरी में पिलानी नगरपालिका से फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, जिसके बाद काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। यह घटना प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सूरजगढ़ उपखंड के काकोड़ा गांव में यह आगजनी महात्मा गांधी बालिका विद्यालय और सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित जोहड़ में हुई। जोहड़ में लंबे समय से खाली पड़े क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा कूचों के पुले काटकर छोड़ दिए गए थे, जिनमें अचानक आग लग गई। तेज हवा और सूखी सामग्री के कारण आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन सूरजगढ़ नगरपालिका की दमकल गाड़ी लंबे समय से खराब होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों को पिलानी नगरपालिका से फायर ब्रिगेड बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस देरी के चलते आग और अधिक फैल गई और हालात बिगड़ते चले गए।
काफी देर बाद पिलानी नगरपालिका से पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान अरविंद कुमार जोगी, मेहरचंद कुल्हरी और अंकित सोनी मौके पर सक्रिय रूप से मौजूद रहे और दमकल कार्य में सहयोग किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जिस स्थान पर आग लगी, वह क्षेत्र विद्यालय और सरकारी अस्पताल के बेहद नजदीक है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह घटना जान-माल के बड़े नुकसान में बदल सकती थी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और बाद में पहुंची दमकल टीम की मेहनत से स्थिति नियंत्रित हो सकी।
घटना के बाद ग्रामीणों में रोष देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि सूरजगढ़ की खराब पड़ी फायर ब्रिगेड को तत्काल ठीक कराया जाए या नई फायर ब्रिगेड गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए, ताकि भविष्य में आगजनी जैसी घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो।





