सुलताना: तहसील चिड़ावा के ग्राम सोलाना स्थित नदी क्षेत्र में रविवार को अज्ञात लोगों द्वारा कुंचा (पानीपुला) में आग लगाए जाने से लगभग 26 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। इस आगजनी में ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति सोलाना द्वारा वन विभाग की देखरेख और वित्तीय सहयोग से लगाए गए पेड़-पौधे, प्राकृतिक वनस्पति और जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना के बाद मोहरसिंह सोलाना, सुमन और ग्रामवासियों ने वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी क्षेत्र जलकर नष्ट हो चुका था।
वन संरक्षण परियोजना को झटका, प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान
इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण विस्तार और ग्रामीण वन विकास के तहत वृक्षारोपण किया गया था। आग की चपेट में आने से नवरोपित पौधे, घास, झाड़ियां और प्राकृतिक वनस्पति पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे स्थानीय पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव आवास पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
पहले भी हो चुकी हैं दो आगजनी की घटनाएं
स्थानीय लोगों और समिति के अनुसार यह तीसरी बार है जब इसी वन क्षेत्र में आगजनी की घटना हुई है। लगातार हो रही घटनाओं से यह आशंका जताई जा रही है कि आग जानबूझकर लगाई जा रही है, जिससे सरकारी वन संरक्षण प्रयासों और हरित मिशन को नुकसान पहुंच रहा है।
पुलिस में शिकायत, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति सोलाना और वन विभाग द्वारा थानाधिकारी सुलताना को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट सौंपकर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। समिति ने आग्रह किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पर्यावरण सुरक्षा पर गंभीर खतरा, ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के बाद ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और वन संरक्षण कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वन क्षेत्र और हरित संपदा को लगातार नुकसान होता रहेगा।





