चिड़ावा: शहर में रविवार को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। दूसरी पारी में परीक्षा देने पहुंची एक युवती को महज एक मिनट की देरी के चलते परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। यह छोटी सी देरी उसके दो साल की मेहनत पर भारी पड़ गई।
नियमों की सख्ती बनी युवती के लिए संकट, समय सीमा के कारण नहीं मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्र पर दूसरी पारी के लिए अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति थी। युवती निर्धारित समय से करीब एक मिनट देर से पहुंची, जिसके चलते वहां मौजूद कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उसे अंदर जाने से रोक दिया।
मिन्नतें करती रही, लेकिन नहीं पसीजा दिल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती बार-बार हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाती रही, लेकिन परीक्षा केंद्र के स्टाफ ने सख्ती बरतते हुए उसे अनुमति नहीं दी।
परीक्षा केंद्र के बाहर बेहोश हुई युवती, भावनात्मक आघात से बिगड़ी हालत
प्रवेश नहीं मिलने के बाद युवती मानसिक तनाव में आ गई और परीक्षा केंद्र के बाहर ही अचानक बेसुध होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों और महिला पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और होश में लाने का प्रयास किया।
होश में आते ही फूटा गुस्सा
होश में आने के बाद युवती का गुस्सा फूट पड़ा। उसने प्रशासन और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसकी दो साल की कड़ी मेहनत एक मिनट की देरी की वजह से बर्बाद हो गई।
पहले दे चुकी थी पहली पारी का पेपर
जानकारी के अनुसार, युवती ने उसी दिन सुबह पहली पारी की परीक्षा दी थी। लेकिन दूसरी पारी में महज एक मिनट की देरी उसके लिए भारी पड़ गई और वह परीक्षा देने से वंचित रह गई।
भर्ती प्रक्रिया और नियमों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच परीक्षा नियमों की सख्ती को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों का मानना है कि एक मिनट की देरी पर इतनी कठोर कार्रवाई मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है, जबकि कुछ लोग नियमों के पालन को जरूरी बता रहे हैं।





