पिलानी: विधायक पितराम सिंह काला ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव–50 के तहत चिड़ावा क्षेत्र के कर्मचारियों को RGHS योजना का लाभ नहीं मिलने का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सबसे अधिक कर्मचारी चिड़ावा क्षेत्र से कार्यरत हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से कर्मचारियों के वेतन से नियमित रूप से RGHS अंशदान की कटौती की जा रही है, जबकि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
विधायक ने सदन में बताया कि सरकार द्वारा इस बार क्षेत्र के सभी अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है। परिणामस्वरूप कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। ऑनलाइन शिकायत करने पर केवल “जांच चल रही है” का जवाब मिलता है।
RGHS कटौती जारी, सुविधा शून्य: कर्मचारियों में रोष
काला ने सरकार से मांग की कि जिन अस्पतालों की जांच पूरी हो चुकी है और जिनका रिकॉर्ड संतोषजनक पाया गया है, उन्हें तुरंत RGHS से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारी अपने मूल निवास पर परिवार को छोड़कर बाहर कार्यरत हैं। ऐसे में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों को गंभीर असुविधा झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने चिकित्सा मंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र के अस्पतालों की जांच शीघ्र पूरी कर योजना को पुनः लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
नगर पालिकाओं में भ्रष्टाचार, सफाई और सीवरेज व्यवस्था पर भी उठे सवाल
मांग संख्या 39 और 40 के तहत विधायक पितराम सिंह काला ने पिलानी, चिड़ावा और मंड्रेला नगर पालिकाओं की बदहाल स्थिति पर भी सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि पिलानी में 18 ऑटो टिप्परों में से 15 खराब पड़े हैं, जबकि चिड़ावा में 15 में से 11 टिप्पर अनुपयोगी हैं। इससे सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
मानदेय रुका, भर्ती अटकी: सफाई कर्मियों की हालत खराब
सफाई व्यवस्था ठेके पर होने के कारण सफाई कर्मचारियों का मानदेय 6-7 महीने से लंबित है। वाहन चालकों का भुगतान भी 5 महीने से रुका हुआ है। मंड्रेला और विद्या विहार नगर पालिका की स्थिति भी समान है। संविदा कर्मी पिछले 10 वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया गया।
विधायक ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती की मांग करते हुए वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, ताकि सामाजिक न्याय के साथ व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
सीवरेज, ऑडिट और पट्टों के मुद्दे भी गरमाए, चिड़ावा और पिलानी में सीवरेज निर्माण की मांग
काला ने कहा कि बरसात के दौरान झुंझुनू शहर का गंदा पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहता है, जो गंभीर समस्या है। उन्होंने चिड़ावा और पिलानी में सीवरेज निर्माण की मांग उठाई। साथ ही नगर पालिकाओं में बनी सड़कों और नालियों के निर्माण कार्य का ऑडिट कर समीक्षा की मांग की।
उन्होंने चिड़ावा, पिलानी और मंड्रेला में लंबित पट्टों के शीघ्र निर्गमन की भी बात रखी।
ईओ के अधिकारों पर सवाल, भ्रष्टाचार के आरोप
विधायक ने नगर पालिका ईओ को दिए गए असीमित अधिकारों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एनओसी, पट्टों का नामांतरण और 90 ए मामलों में ईओ को अत्यधिक शक्तियां दी गई हैं, जिससे मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही हैं।
चिड़ावा में फायर एनओसी में भ्रष्टाचार का मामला अभी लंबित है। विधायक ने मांग की कि एनओसी और नामांतरण मामलों में नगर पालिका अध्यक्ष के हस्ताक्षर अनिवार्य किए जाएं ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि ईओ को कलेक्टर से अधिक शक्तियां देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। बिना नोटिस मकान तोड़ने की शक्ति सीमित की जानी चाहिए।
विकास के लिए बजट और संसाधनों की मांग
मंड्रेला नई नगर पालिका है, लेकिन संसाधनों के अभाव में विकास कार्य प्रभावित हैं। विधायक ने पर्याप्त बजट और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की।
जयपुर आवासन मंडल द्वारा विधायकों को भूखंड आवंटन की मांग के साथ पिलानी में थाने के पीछे खाली भूखंड पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से पार्क निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।





