चिड़ावा: झुंझुनूं जिले में अवैध लकड़ी तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय और आक्रामक होता जा रहा है। बीते 10 दिनों में यह दूसरी घटना है जब वन विभाग की टीम पर तस्करों द्वारा हमला किया गया। ताजा मामले में बुधवार कर सुबह खेजड़ी की लकड़ियों से भरी पिकअप ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए वन विभाग की सरकारी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।
घटना सुबह करीब 5 बजकर 5 मिनट पर शहर के कबूतर खाना क्षेत्र में हुई, जहां सूचना के आधार पर वन विभाग ने घेराबंदी की थी।
फ्लाइंग रेंजर संदीप लोयल ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने टीम के अमर सिंह, सुनील कुमार ओला और चालक राजकुमार के साथ कबूतर खाना क्षेत्र में बैरिकेडिंग की। इस दौरान खेजड़ी की लकड़ियों से भरी चार पिकअप वहां पहुंचीं।
तीन पिकअप वाहन मौके से फरार हो गए, जबकि सबसे पीछे चल रही पिकअप ने पहले बैरिकेडिंग तोड़ी, फिर वन विभाग की गाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सरकारी वाहन का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके बाद भागते समय पिकअप ने दो निजी वाहनों को भी टक्कर मारी और अंत में एक दुकान के शटर से जा भिड़ी।
वन विभाग की टीम ने पीछा कर पिकअप चालक सुमित पुत्र मनीराम निवासी छावसरी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। वाहन को जब्त कर लिया गया है और पूछताछ जारी है।
वन विभाग के अनुसार गुढ़ा, उदयपुरवाटी, सुलताना के खेतों और काटली नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरे वृक्षों की कटाई की जा रही है। तस्कर मात्र तीन रुपए प्रति किलो की दर से लकड़ी खरीदते हैं और उसे हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
इस अवैध कारोबार में प्रयुक्त वाहनों के आगे और पीछे मोटी लोहे की गाटर लगाई जाती है, ताकि पीछा करने पर सरकारी वाहन को क्षति पहुंचाई जा सके।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले रेंजर सुमन और उनकी टीम पर भी लकड़ी तस्करों द्वारा हमला किया जा चुका है, जिससे स्पष्ट है कि वन विभाग पर हमला अब तस्करों की रणनीति का हिस्सा बन चुका है।






