पिलानी: क्षेत्र के लीखवा गांव से अचानक लापता हुए तीन किशोरों के मामले में बड़ी राहत सामने आई है। मोबाइल कॉल के जरिए जानकारी मिली है कि तीनों दोस्त फिलहाल लुधियाना पहुंचे हुए हैं। बच्चों ने खुद पिता को फोन कर लोकेशन बताई, जिसके बाद परिवार इस घटना के बाद तेजी से हरकत में आया और उन्हें लेने पंजाब रवाना हो चुका है। घटना ने गांव में तनाव और बेचैनी का माहौल बना दिया था, जबकि माता-पिता अपने बेटों की सुरक्षित वापसी की दुआ करते रहे।
फोन कॉल से मिली जानकारी, लुधियाना में सुरक्षित तीनों किशोर
लीखवा के किशोर मयंक अग्रवाल, गौतम जांगिड़ और गौरीश रविवार दोपहर मोटरसाइकिल पर घर से निकले और उसके बाद घरवालों से किसी भी प्रकार का संपर्क टूट गया। देर शाम तक कोई सूचना नहीं मिलने पर परिवार और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। रात भर खोजबीन और फोन ट्रैकिंग के दो दिन बाद आज सुबह गौरीश ने पिता को फोन कर बताया कि वे सभी लुधियाना में हैं और सुरक्षित हैं।
टिकट रूट से खुली पूरी कहानी, बिना बताए घूमने निकले थे दोस्त
घरेलू सूत्रों के अनुसार, तीनों नौजवानों ने पहले ही घूमने जाने की योजना बना रखी थी। जानकारी मिली है कि लोहारू से सीधी ट्रेन उपलब्ध न होने पर उन्होंने रेवाड़ी तक की टिकट ली। रेवाड़ी रेलवे जंक्शन से आगे लुधियाना के लिए दूसरी ट्रेन पकड़ी। वापस आने के लिए सीधी ट्रेन न मिलने पर भी बच्चों ने रेवाड़ी विकल्प ही चुना था। प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि तीनों दोस्तों ने बिना बताए बाहर घूमने का फैसला किया और सीधा घर से रवाना हो गए।
परिवार रवाना, पुलिस को सूचित, गांव में राहत की सांस
बच्चों के फोन करने के बाद परिजन पहले लुधियाना रेलवे स्टेशन पर रिश्तेदार भेजकर स्थिति की पुष्टि करवाने में जुट गए। अब परिवार स्वयं गाड़ी से लुधियाना के लिए निकल चुका है। गांव में यह खबर फैलते ही राहत की लहर दौड़ गई। सूचना के अनुसार मामला स्थानीय पुलिस थाने तक पहुंचा दिया गया है और अधिकारी बच्चों के वापस आने तक हालात पर नजर रखे हुए हैं।
लापता होने के बाद गांव में फैली दहशत, अब जगी लौटने की उम्मीद
रविवार दोपहर तीनों किशोरों के घर से निकले जाने के बाद परिवारों ने आसपास के क्षेत्रों, रिश्तेदारों और परिचितों में लगातार खोजबीन की। सोशल मीडिया पर भी संदेश फैलाए गए और पुलिस तक सूचना पहुंचाई गई। अब फोन संपर्क होने के बाद परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि तीनों बच्चे जल्द स्वस्थ और सुरक्षित रूप से अपने गांव वापस लौट आएंगे।





