नवलगढ़: गोठड़ा थाना क्षेत्र में मध्यरात्रि घर में घुसकर फॉर्च्यूनर गाड़ी में तोड़फोड़ करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर जितेन्द्र सिंह उर्फ जितु चिराना और विकास उर्फ बाजी मीणा को गोठड़ा पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए जिला कारागृह झुन्झुनूं से गिरफ्तार कर लिया है।
रात के अंधेरे में सुनियोजित हमला, घर का गेट तोड़कर घुसे आरोपी
पुलिस के अनुसार यह घटना 30 अप्रैल 2024 की मध्यरात्रि लगभग 12 बजे की है, जब लोहरड़ा निवासी जगमोहन के रिहायशी मकान पर सफेद रंग की पिकअप गाड़ी और उसके पीछे 2–3 मोटरसाइकिलों से आए 8 से 10 बदमाशों ने हमला किया। आरोपियों ने गाड़ी से मकान का मुख्य गेट तोड़ते हुए घर में जबरन प्रवेश किया और मार्बल व टाइल्स से बने नोहरे के दरवाजे को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद आंगन में खड़ी फॉर्च्यूनर गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की गई।
मुख्य आरोपी लंबे समय से थे फरार, जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही जितेन्द्र सिंह उर्फ जितु चिराना और विकास उर्फ बाजी मीणा फरार चल रहे थे। बाद में दोनों अन्य मामलों में गिरफ्तार होकर जिला कारागृह झुन्झुनूं में बंद थे। 31 दिसंबर 2025 को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त होने के बाद गोठड़ा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल से प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर अनुसंधान में शामिल किया।
पहले ही दबोचे जा चुके हैं पांच आरोपी
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही संदीप उर्फ बचिया, ताराचंद सैनी, आशिष पिलानिया, नरेश सैनी नांगल और पुखराज उर्फ पोकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में अहम कड़ियां जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर जितु चिराना का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
जितेन्द्र सिंह उर्फ जितु चिराना पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में कुख्यात अपराधी के रूप में दर्ज है। उसके खिलाफ उदयपुरवाटी, नवलगढ़ और गोठड़ा थानों में मारपीट, लूट, अपहरण, आगजनी, आर्म्स एक्ट, आईटी एक्ट और गंभीर सड़क दुर्घटना से जुड़े कई प्रकरण दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते वह क्षेत्र में भय का पर्याय बना हुआ था।
बाजी मीणा पर भी गंभीर धाराओं में मामले हैं दर्ज
विकास उर्फ बाजी मीणा के खिलाफ भी गोठड़ा थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 और पीडीपीपी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।





