सूरजगढ़: बेरला क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, जब उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में माही योगा स्टूडियो बेरला के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। खेलो एमपी यूथ गेम्स 2025 के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में युवा योग खिलाड़ियों की प्रतिभा और कठिन अभ्यास की झलक साफ देखने को मिली, जिससे स्टूडियो और खिलाड़ियों के परिवारों में खुशी का माहौल बन गया।
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में 30 और 31 जनवरी 2025 को खेलो एमपी यूथ गेम्स के अंतर्गत राज्य स्तरीय योगासन खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से चयनित योग खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहां तकनीक, संतुलन और लचीलापन पर आधारित विभिन्न योगासन स्पर्धाएं आयोजित की गईं।
माही योगा स्टूडियो बेरला से जुड़े योग खिलाड़ी शौर्य दांगी ने प्रतियोगिता में आर्टिस्टिक एकल और स्पाइन इवेंट में भाग लिया। कड़े मुकाबले के बीच स्पाइन इवेंट में उन्होंने संतुलित और सटीक योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन को निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों ने भी खूब सराहा।
योग खिलाड़ी गौरवी शुक्ला ने आर्टिस्टिक सिंगल और लेग बैलेंस एकल इवेंट में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन परिचय दिया। दोनों ही स्पर्धाओं में उन्होंने उत्कृष्ट संतुलन, लय और योग तकनीक का प्रदर्शन करते हुए डबल गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जिससे माही योगा स्टूडियो की उपलब्धियों में नया अध्याय जुड़ गया।
प्रतियोगिता में माही योगा स्टूडियो के ही खिलाड़ी भविष्य कुमार ने ट्विस्टिंग एकल इवेंट में भाग लिया। हालांकि वे पदक जीतने में सफल नहीं हो सके, लेकिन उनके प्रदर्शन, मेहनत और आत्मविश्वास की आयोजकों व प्रशिक्षकों द्वारा सराहना की गई।
माही योगा स्टूडियो बेरला के संचालक और योग शिक्षक महेंद्र सिंह जांगिड़ ने सभी खिलाड़ियों को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास के साथ-साथ अभिभावकों का सहयोग और मार्गदर्शन भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे भविष्य में भी बच्चों को खेल और योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद माही योगा स्टूडियो बेरला में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों की इस सफलता को क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है, जिससे अन्य युवा भी योगासन खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।





