जयपुर: राजस्थान SOG कार्रवाई में 2018 की तीन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट से छेड़छाड़ कर अयोग्य अभ्यर्थियों को चयनित कराने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस RSSB भर्ती घोटाले में तकनीकी सिस्टम के जरिए नंबर बढ़ाए गए और इसके बदले मोटी रकम ली गई। जांच में 38 अभ्यर्थियों को अवैध लाभ देने की पुष्टि हुई है।
2018 की भर्ती परीक्षाओं में कैसे हुआ OMR शीट से खेल
राजस्थान SOG की जांच में सामने आया कि महिला अधिकारिता सुपरवाइजर, प्रयोगशाला सहायक और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में OMR शीट की स्कैनिंग के बाद डिजिटल डाटा से छेड़छाड़ की गई। सॉफ्टवेयर की मदद से चयनित अभ्यर्थियों के अंक जानबूझकर बढ़ाए गए, जिससे वे मेरिट में ऊपर पहुंच गए।
लाखों अभ्यर्थी, हजारों पद और सिस्टम के भीतर सेंध
इन तीनों भर्तियों में कुल 3212 पदों के लिए करीब 9 लाख 40 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा वर्ष 2019 में आयोजित हुई थी और OMR शीट की स्कैनिंग व डाटा प्रोसेसिंग का कार्य दिल्ली की एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। इसी तकनीकी स्तर पर राजस्थान भर्ती घोटाला 2018 को अंजाम दिया गया।
दो नंबर से 206 और माइनस छह से 259 तक बढ़ाए गए अंक
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा में केवल दो अंक मिले थे, उनके स्कोर 206 कर दिए गए। वहीं माइनस छह अंक पाने वाले अभ्यर्थियों के नंबर 259 तक बढ़ा दिए गए। यह पूरा फर्जीवाड़ा पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित था, जिससे OMR शीट में कोई भौतिक बदलाव नजर नहीं आता था।
RSSB के भीतर तक पहुंचा फर्जीवाड़ा, 5 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल, निजी फर्म से जुड़े शादान खान और विनोद कुमार गौड़ के साथ-साथ अभ्यर्थी पूनम माथुर को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क खुद के और परिचित अभ्यर्थियों को फायदा दिलाने के बदले भारी रकम वसूल करता था।
OMR शीट की दोबारा स्कैनिंग से खुली पोल
DIG परिस देशमुख के अनुसार, भर्ती परिणामों पर शिकायत मिलने के बाद बोर्ड ने मूल OMR शीट्स की दोबारा स्कैनिंग करवाई। इसी प्रक्रिया में यह स्पष्ट हो गया कि कंप्यूटर सिस्टम में जानबूझकर अंकों में हेरफेर किया गया था। ADG विशाल बंसल ने बताया कि इस RSSB OMR घोटाले में शामिल कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी थी।
SOG जांच में आगे क्या
राजस्थान SOG ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। राजस्थान परीक्षा घोटाला, OMR शीट फर्जीवाड़ा और RSSB तकनीकी गड़बड़ी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले समय में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।





