जयपुर: राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की किल्लत का संकट फिर मंडरा रहा है। राजस्थान के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत एक बार फिर गहराने वाली है। 10 मार्च से 12 मार्च तक 2 दिन के लिए पेट्रोल पंप बंद रहेंगे। इसका कारण राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित हड़ताल है।
हड़ताल की वजह?
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीए) ने पेट्रोल पंपों पर वैट कम करने की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर वैट बहुत ज्यादा है, जिसके कारण लोगों को भारी बोझ उठाना पड़ रहा है।
कौन से जिले प्रभावित होंगे?
हड़ताल के कारण 10 और 11 मार्च को राजस्थान के इन जिलों में पेट्रोल पंप बंद रहेंगे। जिलों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा शामिल हैं।
क्या होगा आम लोगों पर असर?
हड़ताल के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कमी के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है सरकार का रुख?
राजस्थान सरकार ने पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन से बातचीत की है। सरकार ने डीलर्स को वैट कम करने पर विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
आगे क्या होगा?
यह देखना बाकी है कि पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन सरकार के आश्वासन से संतुष्ट होती है या नहीं। अगर डीलर्स एसोसिएशन अपनी मांगों पर अड़ा रहा, तो हड़ताल जारी रह सकती है।




