झुंझुनूं/जयपुर: राजभवन में गौरव सेनानी सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े से मुलाकात की। समिति के उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद रोहिला ने बताया कि कैप्टन किशनलाल चौधरी के नेतृत्व में 8 अक्टूबर को यह प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। इस दौरान पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों पर राज्यपाल से विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
सैनिकों की पुनर्वास योजना और आरक्षित पदों के मुद्दे उठाए गए
पेटी ऑफिसर सत्येंद्र मांजू ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि 1988 से चल रही सैनिकों की पुनर्वास योजना को पूर्ववर्ती सरकार ने संशोधित कर दिया था, जिसके कारण पूर्व सैनिकों को आरक्षित पदों में अब बहुत कम अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस नीति को जातिगत वर्गीकरण से हटाकर मेरिट आधारित बनाया जाए ताकि सभी सैनिकों को समान अवसर मिल सकें।
वीरांगनाओं की अनुकंपा नियुक्ति में पे लेवल संशोधन की मांग
वीरांगना कविता सामोता ने कहा कि वीरांगनाओं को दी जाने वाली अनुकंपा नियुक्ति को पे लेवल L-10 से बढ़ाकर L-11 में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें उचित मान-सम्मान और आर्थिक स्थिरता मिल सके। उन्होंने बताया कि यह बदलाव वीरांगनाओं के जीवन-स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

पूर्व सैनिकों को टोल टैक्स माफी और पेंशन नीति में बदलाव की मांग
हवलदार सुरेश शर्मा ने कहा कि सेवा में रहते हुए सैनिकों को टोल टैक्स माफी का लाभ बहुत कम मिल पाता है, इसलिए सेवानिवृत्त सैनिकों को भी यह सुविधा दी जानी चाहिए। वहीं सुबेदार मेजर नंद भंवर सिंह राठौड़ ने कहा कि दूसरी नौकरी में पेंशन की पात्रता अवधि को 25 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष किया जाए, क्योंकि अधिकतर सैनिक 40 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं और 25 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते।
8th CPC में सैनिकों की भागीदारी को लेकर रखी गई मांग
कैप्टन अमर सिंह बसेरा ने कहा कि 8th सेंट्रल पे कमीशन (CPC) में सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल को शामिल किया जाए ताकि पेंशन और वेतन से संबंधित मुद्दों पर सैनिकों की राय सीधे तौर पर रखी जा सके।उन्होंने कहा कि सैनिकों की समस्याओं पर किसी भी स्तर पर भ्रम या असमानता नहीं रहनी चाहिए।
राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन
राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने गौरव सेनानियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि इन सभी मुद्दों का गहन अध्ययन कर केंद्र और राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि सैनिकों और वीरांगनाओं के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये गौरव सेनानी
प्रतिनिधिमंडल में कैप्टन किशनलाल चौधरी, पेटी ऑफिसर सत्येंद्र मांजू, हवलदार सुरेश शर्मा, सूबेदार मेजर नंद भंवर सिंह राठौड़ और कैप्टन अमर सिंह बसेरा शामिल हुए। सभी सदस्यों ने कहा कि राज्यपाल से हुई यह मुलाकात सैनिकों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।





