चिड़ावा: महालक्ष्मी धाम में रविवार को हुए सम्मान समारोह ने संस्कृति, सनातन धर्म और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया, जहां शिक्षाविद बालचंद लाम्बा, पूर्व प्रधान मदनलाल भांवरिया, समाजसेवी मंदरूप सिंह माठ सहित अनेक विशिष्टजनों को सम्मान मिला।
शहर की कॉलेज रोड पर शनि मंदिर के पास सनातन आश्रम परिसर में हुए समारोह में शिक्षाविद बालचंद लाम्बा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने साहित्य और देवालयों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज को सनातन धर्म की जड़ों से जोड़ना जरूरी है और प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन मंदिर अवश्य जाना चाहिए।
मुख्य वक्ता प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहा कि संस्कृति को बचाने और मजबूत बनाने के लिए समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में आगे आने का आह्वान भी किया।
समारोह में शिक्षाविद बालचंद लाम्बा के साथ अतिथियों ने उदयपुरवाटी के पूर्व प्रधान मदनलाल भांवरिया को भी सम्मानित किया। इसके साथ ही देशराज थेबड़ सिरोही, महालक्ष्मी ज्वेलर्स निदेशक मंदरूप सिंह माठ, सुभाष बड़सरा, धर्मपाल जाखड़, सुनारी और युवा कार्यकर्ता आर्यन चनानिया को साफा, दुपट्टा और माला पहनाकर सम्मान दिया गया। वाणीभूषण प्रभुशरण तिवाड़ी ने सभी सम्मानित अतिथियों को मंगलपाठ ग्रंथ भी भेंट किए।

अभिनंदन के बाद सभी अतिथियों ने आश्रम के रिद्धि-सिद्धि विनायक शुभ लाभ दरबार में दर्शन किए। इसके पश्चात वे महालक्ष्मी धाम, बावलिया बाबा मंदिर और भायला हनुमान मंदिर पहुंचे और यहां की आध्यात्मिक विरासत तथा इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। सभी ने यहां मनोकामनाएं भी व्यक्त की।
समारोह में गिरधर गोपाल महमिया, रतिराम राजोतिया, मातादीन महर्षि, वेदांत तिवाड़ी और सज्जन शर्मा सहित अनेक नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल और प्रभावशाली बनाया।





