मण्ड्रेला: राजस्थान में चल रहे 60 दिवसीय तंबाकू फ्री यूथ कैंपेन के तहत मण्ड्रेला में नशा विरोधी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को तंबाकू और शराब जैसे नशीले पदार्थों से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि मण्ड्रेला क्षेत्र को पूरी तरह ड्रग फ्री जोन बनाया जाए।
शिविर में युवाओं को मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मण्ड्रेला में आयोजित इस शिविर में नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मनोचिकित्सक कपूर थालौर एवं साइक्लोजिस्ट मुकेश कुमार ने बताया कि नशा न केवल शरीर बल्कि परिवार और समाज को भी गहरे स्तर पर नुकसान पहुँचाता है। युवाओं को तनाव से दूरी, सकारात्मक सोच और मानसिक मजबूती बढ़ाने के तरीके सिखाए गए।
60 मरीजों की काउंसलिंग, नशा मुक्ति के लिए प्रेरित
शिविर में कुल 60 लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ काउंसलिंग की गई। उपस्थित मरीजों को नशा छोड़ने के उपाय, दिनचर्या सुधार, और नशे के खतरे को पहचानने की सीख दी गई।
समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प
फार्मासिस्ट पंकज लमोरिया ने कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है और विशेष रूप से युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। मण्ड्रेला सीएचसी की ओर से लगातार ऐसे जागरूकता अभियान चलाकर क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।





