मंड्रेला: राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंड्रेला में गुरुवार को क्षय रोग (टीबी) मरीजों के पोषण और उपचार को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। केंद्र में उपचाररत टीबी रोगियों को अस्पताल प्रशासन की ओर से निक्षय पोषण किट वितरित की गई, जिससे मरीजों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
नियमित दवा और संतुलित आहार का संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां लेने के साथ-साथ पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी उपचार की सफलता में दवाओं के साथ उचित पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पोषण संतुलन बनाए रखने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मरीज शीघ्र स्वस्थ होते हैं।
जागरूकता और सावधानियों पर विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित मरीजों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव और उपचार अवधि में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। इस दौरान मरीजों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संवादात्मक चर्चा भी की गई। किट वितरण के बाद मरीजों के चेहरों पर राहत और भरोसे की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

““कोई भी मरीज पोषण के अभाव में उपचार से वंचित न रहे”*
सीएचसी प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पोषण की अहम भूमिका होती है। निक्षय पोषण किट का उद्देश्य मरीजों को बेहतर आहार उपलब्ध कराना है, ताकि वे दवाइयों के साथ संतुलित पोषण बनाए रखें और तेजी से स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि कोई भी मरीज पोषण के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इस पहल को स्थानीय स्तर पर सराहना मिल रही है और इसे टीबी उन्मूलन अभियान की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।





