मंड्रेला: क्षेत्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को ऐसी कार्रवाई अंजाम दी जिसने सहकारी समितियों में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खोल दीं। एसीबी टीम ने क्रय-विक्रय सहकारी समिति ढंढार के व्यवस्थापक महिपाल सिंह को मूंग की खरीद और शपथ पत्र प्रक्रिया के नाम पर किसानों से अवैध वसूली करते हुए 30 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा।
छापे की कार्रवाई, आरोपी मौके पर गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार एसीबी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मंड्रेला थाना क्षेत्र में संचालित क्रय-विक्रय सहकारी समिति ढंढार में किसानों से एमएसपी पर मूंग की तुलवाई और शपथ पत्र जारी करवाने के बदले जबरन रिश्वत वसूली जा रही है। शिकायत के बाद एसीबी टीम ने गुप्त जांच की, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप प्लान तैयार किया गया। कार्रवाई के दौरान महिपाल सिंह को 30 हजार रुपये लेते ही टीम ने हिरासत में लेकर नकद राशि जब्त कर ली।
छापे की कार्रवाई, आरोपी मौके पर गिरफ्तार
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी व्यवस्थापक किसानों से प्रति क्विंटल और प्रति किसान फाइल के आधार पर रकम मांग रहा था। कई किसान इससे परेशान होकर शिकायत की प्रक्रिया तक पहुंचे। एसीबी का दावा है कि अब अन्य किसानों और संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जाएगी ताकि पूरे रैकेट का खुलासा हो सके।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। झुंझुनूं एसीबी टीम के एडिशनल एसपी नरेंद्र पुनिया ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ की गई और आगे की जांच तेजी से जारी रहेगी। टीम अब फाइलों और रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगा रही है कि यह अवैध वसूली कब से चल रही थी और इसमें और कौन शामिल हो सकता है।
एसीबी का संदेश – रिश्वतखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी विभाग, सहकारी समिति या फसल खरीद केंद्र पर रिश्वत मांगने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। किसानों को प्रोत्साहित किया गया है कि ऐसी किसी भी अवैध मांग की तत्काल शिकायत एसीबी से करें।





