भीलवाड़ा: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बजरी लीज निरस्त किए जाने के बावजूद राजस्थान में अवैध बजरी खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर उपखंड में बहने वाली बनास नदी में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में 5 जेसीबी मशीन, 13 ट्रैक्टर और 3 डंपर जब्त किए गए हैं, जिससे खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।
बनास नदी में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर उपखंड क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी में लंबे समय से अवैध बजरी खनन और अवैध परिवहन की शिकायतें सामने आ रही थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी खनन माफिया की गतिविधियां जारी थीं। इसी को लेकर डीएसटी ने एक सघन अभियान चलाते हुए अवैध खनन में लगे भारी वाहनों और मशीनों को जब्त किया।
फिल्मी अंदाज़ में हुई कार्रवाई, नदी पार कर दबोचे वाहन
कार्रवाई के दौरान डीएसटी टीम ने फिल्मी स्टाइल में रणनीति अपनाई। टीम के कुछ सदस्य डंपर में बैठकर बनास नदी पार कर मौके तक पहुंचे, जबकि अन्य सदस्य स्कॉर्पियो वाहन में पहले से दूसरी ओर तैनात थे। इस रणनीतिक घेराबंदी से खनन में लगे वाहनों को भागने का मौका नहीं मिला।
जहाजपुर और पंडेर थाना क्षेत्र में बड़ी जब्ती
पुलिस के अनुसार, जहाजपुर थाना क्षेत्र में 3 जेसीबी मशीन, 3 डंपर और 10 ट्रैक्टर जब्त कर थाने में खड़े कराए गए। वहीं पंडेर थाना क्षेत्र में 2 जेसीबी मशीन और 3 ट्रैक्टर जब्त किए गए। सभी वाहन अवैध बजरी खनन और परिवहन में संलिप्त पाए गए हैं।
खनन माफिया के नेटवर्क की जांच जारी
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि बनास नदी में अवैध खनन को कौन लोग संरक्षण दे रहे हैं और इसके पीछे कौन सा माफिया नेटवर्क सक्रिय है। जांच के दायरे में खनन माफिया, वाहन मालिक और अवैध सप्लाई चेन को शामिल किया गया है।प्रशासन का सख्त संदेश: अवैध खनन बर्दाश्त नहीं (H2)
प्रशासन का सख्त संदेश: अवैध खनन बर्दाश्त नहीं
कार्रवाई की खबर फैलते ही अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बनास नदी में अवैध बजरी खनन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





