नई दिल्ली: भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में औपचारिक रूप से पूर्ण घोषित किया। यह डील वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार संबंधों को नई मजबूती देगी और निर्यात, निवेश, कार बाजार, शराब उद्योग व सेवा क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकती है। यह समझौता भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी: वैश्विक स्थिरता का खाका है भारत-ईयू एफटीए
नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कहा कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक भलाई, साझा समृद्धि और रणनीतिक स्थिरता का रोडमैप बनेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह समझौता समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगा।
96.6% यूरोपीय सामानों पर टैरिफ घटेगा
इस समझौते के तहत लगभग 96.6% यूरोपीय सामानों पर लगने वाला आयात शुल्क कम किया जाएगा या पूरी तरह हटाया जाएगा। वर्तमान में कई उत्पादों पर 50% से 150% तक टैक्स लगता है, जो अब कई मामलों में 0% से 20% तक आ सकता है।
यूरोपीय संघ के अनुसार, इस डील से यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो की बचत होगी।
33.5 अरब डॉलर के सामान पर पहले दिन से टैक्स खत्म
समझौते के लागू होने के पहले दिन ही लगभग 33.5 अरब डॉलर मूल्य के सामानों पर टैरिफ समाप्त कर दिया जाएगा। शेष उत्पादों पर टैक्स 3, 5 और 7 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से शून्य किया जाएगा।
फिलहाल भारत-ईयू द्विपक्षीय व्यापार करीब 136 अरब डॉलर का है, जो अगले 3–4 वर्षों में बढ़कर 200 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।
शराब, व्हिस्की और बीयर सस्ती होने की संभावना
इस डील से यूरोप से आयातित शराब और बीयर की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।
बीयर पर ड्यूटी 110% से घटाकर 55% कर दी गई है, जबकि व्हिस्की और स्कॉच जैसी स्पिरिट्स पर टैक्स 150% से घटाकर 40% कर दिया गया है।
वाइन पर लगने वाला शुल्क भी 150% से घटाकर 20%–30% किया गया है, जिससे विदेशी शराब पहले से अधिक किफायती हो सकती है।
कारों पर टैक्स में ऐतिहासिक कटौती
ईयू से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% किया जाएगा, हालांकि यह कटौती धीरे-धीरे लागू होगी। यह सुविधा हर साल केवल 2.5 लाख कारों तक सीमित रहेगी।
वर्तमान में 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली कारों पर 70% और इससे महंगी कारों पर 110% तक टैक्स लिया जाता है। इस बदलाव से भारत का ऑटो बाजार यूरोपीय कंपनियों के लिए अधिक खुल सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत-ईयू की बड़ी भूमिका
यह समझौता लगभग 1.9 अरब लोगों को प्रभावित करेगा। भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 25%, दुनिया की जनसंख्या का 30% और वैश्विक व्यापार का 12% हिस्सा रखते हैं।
दोनों के बीच कुल व्यापार मूल्य लगभग 11,000 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है।
कौन-से सेक्टर समझौते से बाहर
भारत ने डेयरी सेक्टर, सोया मील और अनाज को इस समझौते से बाहर रखा है ताकि घरेलू किसानों और छोटे उत्पादकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वहीं यूरोपीय संघ ने बीफ, मीट, पोल्ट्री और शुगर सेक्टर को इस डील से अलग रखा है।
एशिया में तीसरा देश बना भारत
इस समझौते के साथ भारत, यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने वाला एशिया का तीसरा देश बन गया है। इससे पहले जापान और दक्षिण कोरिया ईयू के साथ एफटीए कर चुके हैं।
एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन की प्रतिक्रिया
एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए 2 अरब लोगों के बाजार के लिए अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी व्यापार समझौता है और यह भारत-यूरोप को भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में मजबूत करता है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक व्यापार के राजनीतिकरण के दौर में रणनीतिक निर्भरता को कम करेगी और अस्थिर दुनिया में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
अब आगे क्या प्रक्रिया बाकी है
समझौते के प्रभावी होने से पहले यूरोपीय परिषद, यूरोपीय संसद की मंजूरी, कानूनी समीक्षा, अनुवाद प्रक्रिया और भारत सरकार की औपचारिक स्वीकृति आवश्यक होगी। इन सभी चरणों के बाद ही यह एफटीए पूरी तरह लागू होगा।





