नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में 20 जनवरी 2026 एक अहम मोड़ बन गया, जब बिहार की राजनीति से निकले युवा नेता नितिन नवीन ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। दिल्ली में हुए भव्य समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा की मौजूदगी ने इस सत्ता हस्तांतरण को ऐतिहासिक बना दिया। BJP अध्यक्ष चुनाव के जरिए चुने गए नितिन नवीन को पार्टी का भविष्य का चेहरा माना जा रहा है, जो विकसित भारत के विजन को नई रफ्तार दे सकते हैं।
भाजपा को मिला नया नेतृत्व: नितिन नवीन की ताजपोशी
दिल्ली में आयोजित समारोह में भारतीय जनता पार्टी ने औपचारिक रूप से नितिन नवीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। इस मौके पर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा मंच पर मौजूद रहे। पार्टी नेतृत्व ने नितिन नवीन को संगठनात्मक अनुभव और युवा ऊर्जा का प्रतीक बताया। महज 44 वर्ष की उम्र में BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना उन्हें पार्टी के सबसे युवा शीर्ष नेताओं में शामिल करता है।
नामांकन से अध्यक्ष बनने तक की प्रक्रिया
भाजपा अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह संगठनात्मक और लोकतांत्रिक रही। पार्टी ने पहले 36 में से 30 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव पूरा किया, जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद 16 जनवरी 2026 को चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची जारी हुई। 19 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें नितिन नवीन के समर्थन में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने खुद उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिससे यह साफ हो गया कि पार्टी नेतृत्व उन पर पूरी तरह भरोसा जता रहा है।
नरेंद्र मोदी का बयान: ‘नितिन नवीन मिलेनियल नेता हैं’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने नितिन नवीन को युवा सोच और संगठनात्मक अनुभव का मेल बताया। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन उस पीढ़ी से आते हैं जिसने रेडियो के दौर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर देखा है। मोदी ने यह भी कहा कि आज से नितिन नवीन उनके बॉस हैं और वे खुद एक साधारण कार्यकर्ता की भूमिका में रहेंगे। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को याद दिलाते हुए भरोसा जताया कि नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा नई ऊंचाइयों को छुएगी।
बिहार की राजनीति से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर बिहार की सियासत से शुरू हुआ और अब वे राष्ट्रीय मंच पर पहुंच चुके हैं। वे बांकीपुर सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए और 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 के चुनावों में जीत दर्ज की। बिहार सरकार में उन्होंने सड़क निर्माण, शहरी विकास, आवास और कानून जैसे अहम मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। उनकी प्रशासनिक क्षमता और जमीन से जुड़ा अनुभव पार्टी के लिए बड़ी पूंजी माना जा रहा है।
संगठनात्मक कौशल और राज्यों में जिम्मेदारी
विधायक और मंत्री होने के साथ-साथ नितिन नवीन को संगठन के भीतर भी अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ और सिक्किम में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके रणनीतिक कौशल और बूथ-स्तर तक काम करने की क्षमता ने पार्टी नेतृत्व को प्रभावित किया। यही वजह है कि जेपी नड्डा के बाद भाजपा ने भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए एक युवा चेहरे को कमान सौंपी।
भाजपा की दिशा और विकसित भारत का विजन
अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक संस्कृति और परंपरा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नेतृत्व बदलता है, लेकिन पार्टी की दिशा और आदर्श नहीं बदलते। नितिन नवीन के सामने अब चुनौती है कि वे क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं से जोड़ते हुए भाजपा को अगले 25 वर्षों के विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएं।





