चिड़ावा: राजस्थान पुलिस विभाग से एक दुखद समाचार ने सभी को आहत कर दिया है। चिड़ावा में सेवा दे चुके पूर्व डीएसपी विरेंद्र जाखड़ का शुक्रवार तड़के लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। मजबूत छवि, मिलनसार व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले जाखड़ को जिले में सिंघम के नाम से जाना जाता था। उनकी मौत से पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है।
गंगानगर के मूल निवासी विरेंद्र जाखड़ पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। परिवार और चिकित्सकीय उपचार के बीच जूझते हुए उन्होंने शुक्रवार सुबह पैतृक गांव में अंतिम सांस ली। निधन की खबर मिलते ही सहयोगियों, पुलिस अधिकारियों और पूर्व सहकर्मियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
विरेंद्र जाखड़ ने वर्ष 2010 में चिड़ावा थाने में सीआई का पदभार संभाला था। सेवा के दौरान उनकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें पदोन्नत कर डिप्टी एसपी नियुक्त किया गया। वर्ष 2013 तक उन्होंने चिड़ावा में सीओ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और कई संवेदनशील मामलों को प्रभावशाली ढंग से संभाला।
विरेंद्र जाखड़ की बेटी विजेता जाखड़ भी पुलिस महकमे में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। परिवार व पत्नी बसंती देवी इस दुखद घटना से शोकाकुल हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि जाखड़ की कार्यशैली अनुशासन और परिणाम पर केंद्रित रही। अपराध और कानून-व्यवस्था के मामलों में उनके निर्णय कड़े होते थे, जबकि आमजन के प्रति व्यवहार बेहद सरल और संवेदनशील माना जाता था। इसी दोहरी छवि की वजह से क्षेत्र में उन्हें सिंघम अधिकारी कहा जाने लगा।





