सुलताना: पुलिस थाना सुलताना ने साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बैंक खाते किराये पर उपलब्ध करवाकर साइबर ठगी में लिप्त थे। मामला पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से 26,300 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोपियों ने फेसबुक पर पुरानी बाइक बेचने का विज्ञापन डालकर पीड़ित को झांसे में लिया और राशि अपने नेटवर्क के जरिए स्थानांतरित करवाई।
एनसीआरबी पोर्टल से मिली शिकायत, खुली परतें
जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खाते का रिकॉर्ड प्राप्त कर एनसीआरबी के समन्वय पोर्टल पर दर्ज साइबर शिकायतों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि पीड़ित के खाते से 26,300 रुपये एक स्थानीय खाते में ट्रांजेक्शन हुए थे।
क्यूआर कोड किराये पर लेकर ठगी को दिया अंजाम
पुलिस पूछताछ में सोलाणा निवासी अनिल कुमार ने स्वीकार किया कि उसका फोनपे क्यूआर कोड अजहरुद्दीन ने किराये पर लिया था। आगे की जांच में सामने आया कि अजहरुद्दीन और उसका सहयोगी इम्तियाज मिलकर सोशल मीडिया पर पुरानी बाइक बेचने का फर्जी प्रचार कर रहे थे।
इन दोनों ने पश्चिम बंगाल के व्यक्ति को झांसा देकर अनिल कुमार के बैंक खाते में कुल 26,300 रुपये ट्रांसफर करवाए। जांच के दौरान तीनों को दस्तयाब कर धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा 66 डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
16 हजार रुपये बरामद, न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी
दौरान अनुसंधान पुलिस ने आरोपियों से 16,000 रुपये माल मशरूका बरामद किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सोलाणा निवासी अनिल कुमार, अलवर जिले के साहडोली निवासी अजरूदीन तथा रघुनाथगढ़ क्षेत्र के बड़ा बास निवासी इम्ताज शामिल हैं। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
कार्रवाई वृताधिकारी विकास धींधवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम में राजकुमार, सीताराम और प्रकाश शामिल रहे।
झुंझुनूं पुलिस की अपील – बैंक खाता किराये पर देना बन सकता है अपराध
जिला पुलिस ने आमजन और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम, क्यूआर कोड या ओटीपी किसी को न दें। बैंक खाता किराये पर देना भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साइबर ठगी के खिलाफ झुंझुनूं पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।





