पिलानी: थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी कर रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार संदिग्धों को दबोचा गया। वारदात में उपयोग की एक KIA गाड़ी भी जप्त हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान और हरियाणा के कई जिलों में टावर लूट की 17 घटनाओं को कबूल किया।
रात गश्त के दौरान पुलिस टीम ने पिलानी के भगत सिंह सर्किल के पास खड़ी संदिग्ध KIA कार और चार युवकों को देखा। पूछताछ में जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो टीम उन्हें थाने ले गई। वहां गहन पूछताछ में सभी ने कई जिलों में मोबाइल टावर से उपकरण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में सामने आया कि दीपक और विक्रम पहले मोबाइल टावरों में काम कर चुके थे और अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाते हुए गैंग संग चोरी को अंजाम देते थे। चारों युवकों ने बुहाना के जैतपुर, सूरजगढ़ के चौराडी, पाली, अजमेर, जयपुर, सीकर, भिवाड़ी, डीडवाना और भीलवाड़ा सहित राजस्थान के कई जिलों में चोरी मान ली। गिरोह ने हरियाणा बॉर्डर के आसपास भी इस तरह की वारदात करने की जानकारी दी।
पुलिस ने आदित्य उर्फ चिन्टू, विक्रम सिंह, दीपक और सचिन को शांतिभंग के तहत गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक KIA कार बरामद की गई, जिसके माध्यम से चोरी की वारदात अंजाम दी जाती थी। गिरफ्तार युवकों से टेलीकॉम उपकरणों की बरामदगी और आगे छिपाए माल की तलाश को लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस ने संबंधित थानों को जानकारी भेज दी है।
अभियान का नेतृत्व सीआई चन्द्रभान ने किया, जबकि टीम में कमल सिंह, होशियार सिंह, सुभाष लाम्बा, शशिकांत, पंकज, नवीन कुमार, धर्मवीर, रतन सिंह, सन्दीप गांधी, प्रदीप डागर और योगेन्द्र सहित कुल 13 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।





