पिलानी: क्षेत्र में इस बार ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है। बनगोठड़ी खुर्द गांव में 13 जनवरी की सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो उनके सामने कश्मीर और शिमला जैसा दृश्य था। खेतों पर पाला जम गया और हरे-भरे पौधे सफेदी से ढक गए। गेहूं और सरसों जैसी प्रमुख फसलों में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों में गहरी मायूसी फैल गई है।
बनगोठड़ी खुर्द में पाला गिरने से खेतों में बर्फ जैसा नजारा
तेज पाला गिरने से पिलानी उपखंड के बनगोठड़ी खुर्द गांव में सुबह खेतों का पूरा परिदृश्य बदल गया। किसान सुभाष चन्द्र धनखड़ ने बताया कि खेत में पहुंचने पर पहला एहसास यही हुआ कि मानो कोई पहाड़ी राज्य में पहुंच गए हों। सरसों, चना और गेहूं की फसल पर जमी बर्फ जैसी परत ने खेतों को पूरी तरह सफेद कर दिया।
किसानों में चिंता, फसल नुकसान की संभावना से बढ़ी परेशानी
अचानक तापमान गिरने और पाले की मोटी परत जमने से किसानों के चेहरे उतर गए। बनगोठड़ी खुर्द के किसानों ने बताया कि यदि अगले 2–3 दिन तक तापमान नीचे रहा तो नुकसान 60–80 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। खेती पर निर्भर परिवारों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि खेतों में तैयार फसल को बचाने का कोई उपाय संभव नहीं दिख रहा।
मौसम में अचानक बदलाव, कृषि अर्थव्यवस्था पर असर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस सीजन में अत्यधिक ठंड और पाला पूरे जिले में समस्या बन सकता है। झुंझुनू क्षेत्र में बीती रात पारा रिकॉर्ड स्तर तक नीचे चला गया। यह मौसम बदलाव किसानों की आर्थिक स्थिति को झटका दे सकता है। स्थानीय खेत मालिकों ने कहा कि अगर जल्दी मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो नुकसान और गंभीर हो सकता है। किसानों ने सरकार से मुआवजे और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गांव का नजारा
किसान सुभाष चन्द्र धनखड़ द्वारा खेत से लिया गया तस्वीर-छायाचित्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इलाके के युवाओं का कहना है कि उन्होंने इस तरह का दृश्य पहली बार देखा है, जहां रेगिस्तानी इलाके की जमीन कश्मीर और शिमला जैसी बर्फीली चादर में ढकी दिखाई दी।





