पिलानी पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोरवा के गांव पांथड़िया में मनरेगा के अन्तर्गत काम कर रहे ग्रामीणों ने कम मजदूरी देने का आरोप लगाते हुए कार्य का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जो काम दिया गया है, उसके लिए कम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है।
पांथड़िया गांव की जोहड़ी में मिट्टी हटाने का काम कर रहे 31 ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जो काम दिया गया है उसके लिए प्रति व्यक्ति 150 रुपए का भुगतान प्रति दिन किया जा रहा है, जो कि न्यायोचित नहीं है। काम के हिसाब से उन्हें मनरेगा के लिए निर्धारित अधिकतम 266 रुपए मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए। ग्गांव में कार्य बहिष्कार करते हुए मनरेगा में काम कर रहे सभी 31 ग्रामीण पिलानी पहुंचे। यहां पार्षद राजकुमार नायक और दरिया सिंह के नेतृत्व में उन्होंने तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन में काम के बदले उचित मजदूरी की मांग की है।
मामले में जब मोरवा सरपंच रामसिंह सांगवान से बात की गई तो उनका कहना था कि मनरेगा के किसी भी काम का भुगतान नकद नहीं होता है, बल्कि काम करने वाले के खाते में मजदूरी का भुगतान किया जाता है। इसलिए इसमें भ्रष्टाचार की सम्भावना नगण्य है। काम के लिए टास्क दिया जाता है और फिर उसी के अनुसार भुगतान होता है। फिर भी कोई असंतोष है, तो ग्रामीणों के लिए सम्बन्धित अधिकारियों से बात की जाएगी
पंचायत समिति जेईएन रियाज चौहान ने बताया कि टास्क के अनुसार मजदूरी का ऑनलाइन भुगतान होता है। काम पूरा हो तो भुगतान भी पूरा होता है। जांच करवाई जा सकती है, भुगतान गलत नहीं हुआ है।
इन्होंने दिया ज्ञापन
पांथड़िया के शिवकुमार, अमरसिंह, गोविन्द, मनोज, प्रमोद, भगत, रामानंद, सुशीला, सजना, मधु, मंजू, अनीता, मूलचंद, ओमप्रकाश, चंद्रभान, फूलाराम, सारली, बिमला, सरबती, सुनीता, सन्तोष, माया, भंवर लाल, रामकुमार, मगराज, होशियार सिंह आदि ने कम मजदूरी का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा है।







