चिड़ावा: मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी का उत्साह चरम पर रहता है, लेकिन इसी दौरान आकाश में उड़ते हजारों पक्षी मांझे की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, चिड़ावा डॉ राजेश सिंगला ने लोगों से पक्षी संरक्षण और जिम्मेदार पतंगबाजी की अपील जारी की है।
डॉ सिंगला ने बताया कि चाइनीज मांझा और तेज धार वाले धागे पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। कई पक्षी इन धागों से कटकर घायल हो जाते हैं और इनके पंख फंसने से घरों, छतों और पेड़ों पर तड़पते देखे जाते हैं। उन्होंने अपराध की श्रेणी में आने वाले ऐसे धागों के उपयोग को पूरी तरह बंद करने की सलाह दी।
डॉ सिंगला द्वारा जारी महत्वपूर्ण सुझाव:
चीनी मांझा और तेज धार वाले धागों का उपयोग न करें।
कटी हुई पतंगों को तुरंत हटाएं ताकि पेड़ों, तारों और छतों पर फंसे पक्षी घायल न हों।
पतंग उड़ाने का समय सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले का रखें, ताकि पक्षियों की उड़ान के सक्रिय समय में खतरा न बढ़े।
पक्षी आवासों—घने पेड़ों और छतों—के आसपास पतंगबाजी से बचें।
बच्चों को पक्षी सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
यदि घायल पक्षी मिले तो उसे नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पक्षी पुनर्वास केंद्र तक तुरंत पहुंचाएं।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि त्योहार की खुशी में पक्षियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की थोड़ी सी सावधानी कई पक्षियों की जान बचा सकती है।





