नहर के मुद्दे पर चल रहे धरना प्रदर्शन का क्रम आज भी जारी रहा। विभिन्न किसान संगठनों द्वारा कई जगह नहर के लिए धरना दिया गया जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। श्योपुरा, सिलारपुरी, खुड़ोत और गीडानिया में किसानों ने यमुना जल समझौते को लागू करवाने के लिए धरना दिया।
श्योपुरा और बास गोदारा
ग्राम पंचायत भवन श्योपुरा बास गोदारा के सामने धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और नहरी पानी की मांग को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी दी। विक्रांत जाखड़ और सुशील डांगी ने धरने का नेतृत्व किया। रूपचंद बेनीवाल, रामसिंह गोदारा, पवन डांगी, अजय गोदारा, शंकरलाल, रामस्वरूप सैनी, मनोज डांगी, नीरज धत्तरवाल, विजय गोदारा, बलराज डांगी, जगदीश मेघवाल, मूलाराम मेघवाल, कुलदीप भास्कर, मूलचंद मेघवाल, श्रवण कुमार हलवाई, राजेंद्र डांगी, मानसिंह मेघवाल, नितेश डांगी, योगेश डांगी आदि धरने में शामिल हुए।
सिलारपुरी
ग्राम सिलारपुरी में यमुना जल समझौता लागू करवाने के लियेअनिल कुमार टोनी के संयोजन मे ग्रामीणों ने दानीराम ढाका की अध्यक्षता मे धरना पारदर्शन किया। धरने में बैजू राम, महेन्द्र बलवदा, शीशपाल, अन्तर सिंह, जमनाराम, म्हादाराम आदि काफी लोग शामिल हुए।
खुड़ोत
ग्राम खुड़ोत मे 4थे दिन भी यमुना जल समझौते को लेकर धरना जारी रहा। अनिल कुमार टोनी ने बताया कि यह मुद्दा जीवन और मरण का है, हर वर्ग के जिवन यापन का है। धरने की अध्यक्षता धर्मपाल पायल ने की। अनूप, वीरभान, पंचायत समिति सदस्य भरतसिंह, बनवारी लाल, केसर, दाताराम, मनीराम, विजयंत पाल आदी काफी लोग मौजूद रहे।
गिडानीया
ग्राम गिडानीया में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन चालू किया गया। अनिल कुमार टोनी के संयोजन में धरने पर आज अध्यक्षता भागा राम ने की। इस मौके पर सुरेन्द्र बुगालीया, महिपाल धायल, दयानंद बुगालीया, ओम प्रकाश मास्टर, धर्मपाल, योगेन्द्र सिंह आदी काफी लोग मौजूद रहे और अन्दोलन को तीव्र गति देने की बात कही।









